ऊषा सिंह राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित
चंदौली एक्सप्रेस
इलिया चंदौली
शिक्षा के क्षेत्र में करीब 27 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदूपुर की सहायक अध्यापिका ऊषा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। उनके चयन की जानकारी मिलते ही शिक्षकों, विभागीय कर्मियों, विद्यार्थियों और क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षण कार्य के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा, नियमितता, अनुशासन और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
ऊषा सिंह ने वर्ष 1999 में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। उनकी पहली तैनाती प्राथमिक विद्यालय सैदूपुर में हुई थी। शुरुआती दौर से ही उन्होंने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। लंबे समय तक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के बाद पदोन्नति होने पर उनका स्थानांतरण पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदूपुर में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ। वर्तमान में वह इसी विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक का भी दायित्व संभाल रही हैं।
बच्चों की शिक्षा को हमेशा दी प्राथमिकता
सामाजिक विषय की शिक्षिका ऊषा सिंह ने अपनी करीब 27 वर्षों की सेवा के दौरान विद्यालय में शिक्षण कार्य को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, पढ़ाई और अनुशासन को लेकर वह लगातार सक्रिय रही हैं। उनका प्रयास रहता है कि बच्चों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने के साथ ही उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों और बेहतर नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
विद्यालय में शिक्षण कार्य के अलावा विभागीय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों, बैठकों और शैक्षणिक गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। विभागीय कार्यक्रमों में समय से पहुंचना और सौंपे गए दायित्वों को जिम्मेदारी के साथ पूरा करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
समय पालन और अनुशासन बनी पहचान

शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों के अनुसार ऊषा सिंह अपनी नियमितता और अनुशासन के लिए जानी जाती हैं। लंबे सेवाकाल में उन्होंने विद्यालय पहुंचने और अपने दायित्वों के निर्वहन में समय पालन को विशेष महत्व दिया। विद्यालय की जिम्मेदारियों के साथ विभागीय निर्देशों और कार्यक्रमों का पालन करने में भी वह हमेशा तत्पर रहीं।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक का दायित्व मिलने के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शिक्षकों के साथ समन्वय बनाकर विद्यालयी कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
‘शिक्षक का दायित्व बच्चों का भविष्य संवारना’
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर ऊषा सिंह ने इसे अपने लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक के रूप में सेवा करना उनके लिए महज नौकरी नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करती रहेंगी।
क्षेत्र में खुशी का माहौल
ऊषा सिंह के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय के शिक्षकों, विभागीय कर्मचारियों और क्षेत्रीय लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों का कहना है कि करीब तीन दशक तक शिक्षा के क्षेत्र में लगातार ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाली शिक्षिका को राज्य स्तर पर सम्मान के लिए चुना जाना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। शिक्षकों ने कहा कि ऊषा सिंह का चयन अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायक है और इससे शिक्षा के प्रति समर्पित होकर कार्य करने वाले शिक्षकों का उत्साह बढ़ेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में करीब 27 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदूपुर की सहायक अध्यापिका ऊषा सिंह का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। उनके चयन की जानकारी मिलते ही शिक्षकों, विभागीय कर्मियों, विद्यार्थियों और क्षेत्रीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षण कार्य के प्रति उनकी कर्तव्यनिष्ठा, नियमितता, अनुशासन और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
ऊषा सिंह ने वर्ष 1999 में बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। उनकी पहली तैनाती प्राथमिक विद्यालय सैदूपुर में हुई थी। शुरुआती दौर से ही उन्होंने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। लंबे समय तक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के बाद पदोन्नति होने पर उनका स्थानांतरण पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदूपुर में सहायक अध्यापक के पद पर हुआ। वर्तमान में वह इसी विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक का भी दायित्व संभाल रही हैं।




