चकिया

अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा, लेखपालों ने दिखाए तेवर

प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर चकिया तहसील में कार्य बहिष्कार, बोले—एक लेखपाल पर अतिरिक्त क्षेत्रों का बोझ अब नहीं

चन्दौली एक्सप्रेस चकिया। प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश के बाद लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का कार्य संभालने से साफ इनकार कर दिया है। मंगलवार को तहसील चकिया में लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्र से संबंधित बस्ते जमा कर दिए। इसके साथ ही अतिरिक्त क्षेत्र के कार्य का बहिष्कार शुरू हो गया। लेखपालों के इस कदम से राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।
लेखपालों का कहना है कि पहले से ही अपने मूल क्षेत्र की जिम्मेदारियां संभाल रहे कर्मचारियों पर लगातार अतिरिक्त क्षेत्रों का भार डाला जा रहा है। एक ही कर्मचारी से कई क्षेत्रों का काम लेने से न केवल कार्य का दबाव बढ़ रहा है, बल्कि राजस्व संबंधी कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी असर पड़ने की स्थिति बन रही है।

‘अतिरिक्त काम नहीं, अब अतिरिक्त बस्ता भी नहीं’
प्रदेश संगठन के आह्वान पर लेखपालों ने स्पष्ट कर दिया है कि अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता अब नहीं उठाया जाएगा। चकिया तहसील में बस्ता जमा करना इसी निर्णय की पहली बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
लेखपालों का कहना है कि लंबे समय से अतिरिक्त क्षेत्र का काम लिया जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप कार्यभार कम करने अथवा आवश्यक व्यवस्था करने की दिशा में अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। यही वजह है कि संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

स्थानांतरण से पदोन्नति तक लंबी है मांगों की सूची
लेखपाल संगठन की ओर से अंतर्मंडलीय स्थानांतरण, वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने, वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा के परिणाम एवं प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने, भत्तों में सुधार और अतिरिक्त पटल के कार्य से मुक्ति समेत कई मांगें उठाई गई हैं।
संगठन की ओर से 2800 ग्रेड पे/वेतन विसंगति दूर करने, लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने तथा ग्राम सचिवालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।

2669 स्थानांतरण आवेदनों का मुद्दा भी गरम
लेखपाल संगठन के अनुसार 2669 लेखपालों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में लेखपालों की तैनाती गृह जनपद से काफी दूर होने के कारण उन्हें लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशनरी भत्ता समेत अन्य सुविधाओं को लेकर भी संगठन ने अपनी मांगें रखी हैं।

चकिया से गया साफ संदेश
चकिया तहसील में अतिरिक्त क्षेत्र का बस्ता जमा किए जाने के बाद लेखपालों ने संकेत दे दिया है कि अब केवल आश्वासन से मामला शांत होने वाला नहीं है। संगठन अपने निर्णय पर कायम रहा तो अतिरिक्त क्षेत्रों से जुड़े राजस्व कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
अब सवाल शासन और विभागीय अधिकारियों से है—जब कर्मचारियों का कार्यभार लगातार बढ़ रहा है और स्थानांतरण व पदोन्नति समेत कई मांगें लंबित हैं, तो इनका समाधान कब होगा?
चकिया तहसील में बस्ता जमा होने के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग लेखपालों की मांगों पर बातचीत का रास्ता अपनाता है या आंदोलन आगे और धार पकड़ता है।

Chandauli Express

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