मुख्य संपर्क मार्ग के निर्माण, स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना सहित छह मांगों को लेकर ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

शहाबगंज (चंदौली)। विकासखंड शहाबगंज के ग्राम बनरसिया की विभिन्न मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग को पत्रक सौंपा। ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कराकर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की।
ग्रामीणों की ओर से दिए गए पत्रक में कहा गया कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए कई बार संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए हैं। जनसुनवाई, आईजीआरएस, ई-मेल तथा व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों के कार्यालय में पहुंचकर भी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन कई मामलों में प्रार्थना पत्रों को एक विभाग से दूसरे विभाग को अग्रसारित किए जाने के बाद भी धरातल पर अपेक्षित कार्रवाई दोनहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने पत्रक में ग्राम बनरसिया के मुख्य संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति का प्रमुखता से उल्लेख किया। बताया कि अर्जी लिंक रोड से आंगनबाड़ी केंद्र होते हुए बबलू पांडेय के घर तक करीब 900 मीटर मार्ग का निर्माण/पक्कीकरण नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में स्थिति और खराब हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को भी कई बार चारपाई पर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।ग्रामीणों ने मांग की कि पूरे 900 मीटर मार्ग का निर्माण तत्काल कराया जाए। यदि एक साथ निर्माण संभव न हो तो प्रथम चरण में कम से कम 250 मीटर मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके।इसके अलावा गांव एवं आसपास के क्षेत्र के लिए सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, सड़क, जल निकासी, पेयजल एवं अन्य मूलभूत समस्याओं का सर्वेक्षण कर कार्ययोजना तैयार कराने की मांग की गई।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से ग्राम बनरसिया का स्वयं अथवा किसी वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण कराने तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी करने का आग्रह किया। साथ ही मांगों पर लिए गए निर्णय और समाधान की समयसीमा से ग्रामीणों को लिखित रूप से अवगत कराने की मांग की गई।
पत्रक सौंपने वालों ने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल विभागीय पत्राचार तक सीमित न रहकर मौके पर दिखाई देना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई। इस दौरान कृष्णानंद पांडेय, महेंद्र नाथ तिवारी, रामदुलार, उमराव पांडेय, अवधेश तिवारी, धनंजय, सतीश तिवारी, सर्वजीत यादव, गजानंद पांडेय, सहित ग्रामीण मौजूद थे।




