सुबह नौ बजे निकलेगी शोभायात्रा व झांकी, दोपहर में कन्या पूजन और भव्य भंडारा; रात आठ बजे से सजेगी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की महफिल
शहाबगंज (चंदौली)। गांधी नगर में मां शक्ति गौरी मां दुर्गा का वार्षिक शृंगार महोत्सव एवं भव्य भंडारा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को आयोजित किया जाएगा। धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में मां दुर्गा के शृंगार, शोभायात्रा, झांकी, कन्या पूजन, भंडारा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्तिमय माहौल बनाने की योजना है। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की गई है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह नौ बजे से शोभायात्रा एवं झांकी निकाली जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से कन्या पूजन का आयोजन होगा। दोपहर दो बजे से श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारा शुरू किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा के प्रति आस्था और भक्ति का संदेश दिया जाएगा।
रात आठ बजे से होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
महोत्सव के तहत रात आठ बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें चंदौली के गायक रामजनम जांबाज, देवरिया की गायिका सरोज सरगम और गाजीपुर के गायक राहुल यादव अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, दोपहर एक बजे से होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में गायिका रजनीगंधा, गायक जसवंत यादव और गायिका खुशी सिंह भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। धार्मिक भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से आयोजन में उत्साह का माहौल रहने की उम्मीद है।
राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ होंगे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़े संजीव कुमार गौड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में सांसद विनोद बिंद , विधायक कैलाश आचार्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डा शम्भु नाथ गौड़ तथा जिला पंचायत सदस्य डा कुंदन गोंड के नाम भी दर्ज हैं।
पिंटू बाबा ने श्रद्धालुओं से की कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
कार्यक्रम के संयोजक पिंटू बाबा और निवेदक कृष्णा सिंह गौंड ने क्षेत्रवासियों से मां दुर्गा के वार्षिक शृंगार महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। मां दुर्गा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना करने और भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने से भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने और मां का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।




