बंद पड़े शोरूम में धधकी आग, फायर टीम की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
चंदौली: जनपद के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र स्थित पड़ाव इलाके के मढिया गांव स्थित बंद पड़े महिंद्रा शोरूम में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों ने धुआं और लपटें उठती देख तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। धीरे-धीरे कड़ी मेहनत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आसपास के क्षेत्र में किसी बड़ी घटना को टाला जा सका।
घटना की जानकारी मिलते ही मुगलसराय कोतवाल संतोष कुमार सिंह और जलीलपुर चौकी इंचार्ज अभिषेक शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और फायर कर्मियों ने मिलकर स्थिति को संभाला और आग को फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। मौके पर काफी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित दूरी पर रखा।
बताया जा रहा है कि यह शोरूम पिछले कई दिनों से बंद पड़ा था। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, आग की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। जिस समय आग लगी, उस समय शोरूम में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि की कोई खबर नहीं है।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के बाद शोरूम के अंदर रखे सामान को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी तक नुकसान का सही आकलन नहीं हो सका है, लेकिन प्रथम दृष्टया लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शोरूम में मौजूद फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंचती, तो आग आसपास की दुकानों और इमारतों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। राहत की बात यह रही कि फायर टीम की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
इस संबंध में कोतवाल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन भी कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में विद्युत सुरक्षा के उपायों को सुनिश्चित करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि बंद पड़े प्रतिष्ठानों में समय-समय पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी है, जिससे इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन और फायर विभाग पूरी तरह सतर्क है और आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है। आग की इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।




