चोरी की बाइक से ऐश कर रहे थे शातिर, पुलिस ने गैंग का किया भंडाफोड़
चंदौली। जिले में बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑटो लिफ्टर गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी की गाड़ियों को बिहार में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 3 मई की देर रात मुखबिर की सूचना पर सकलडीहा तिराहा पर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक शाइन (UP67Y2761) और एक सुपर स्प्लेंडर (UP50AF6130) बाइक बरामद हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान पवन गोंड (20) निवासी इब्राहिमपुर और शरफराज नट उर्फ विशाल (19) निवासी भाटीगांव के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने वाहन चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
उन्होंने बताया कि वे आसपास के जनपदों से बाइक चोरी कर उन्हें एक स्थान पर इकट्ठा करते थे और बाद में बिहार में ऊंचे दामों पर बेच देते थे।
अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने दो और चोरी की बाइक बरामद की। इनमें एक होंडा शाइन (UP61AJ0787) और एक TVS XL सुपर (UP67H8232) शामिल है, जिन्हें रेलवे स्टेशन के पास पोखरा मंदिर के समीप झाड़ियों में छिपाकर रखा गया था। इस तरह कुल चार मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
बरामद वाहनों की जांच ई-चालान ऐप के जरिए की गई, जिसमें सभी वाहन चोरी के पाए गए। पुलिस के अनुसार शाइन बाइक सकलडीहा बाजार से, सुपर स्प्लेंडर आजमगढ़ से, जबकि अन्य बाइक चंदौली और गाजीपुर क्षेत्र से चोरी की गई थीं।
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मु0अ0सं0 204/2026 धारा 317(2), 317(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं शरफराज नट के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक बीरेन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव, कांस्टेबल बीर बहादुर यादव और कांस्टेबल आदर्श शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की इस सफलता को लेकर अधिकारियों ने सराहना की है।
पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वाहन चोरी जैसी घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।




