6 बुलडोजर के साथ प्रशासन की सख्ती बरकरार, रेंजर अश्विनी चतुर्वेदी बोले—“पूरी रात होगा सीमांकन”
शहाबगंज चंदौली: रसिया बनवासी बस्ती में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दूसरे दिन बुधवार को भी पूरी ताकत के साथ जारी रही। पहले दिन की सख्त कार्रवाई के बाद जंगल विभाग ने मोर्चा संभाले रखा और इस बार अभियान को और तेज करते हुए छह बुलडोजर मौके पर उतार दिए गए। प्रशासन की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन शुरू किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। सुबह से ही वन विभाग, राजस्व टीम और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर मशीनों ने चिन्हित क्षेत्र को साफ करना जारी रखा, वहीं दूसरी ओर सीमांकन का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया गया। इस दौरान पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में रखा गया, ताकि किसी भी तरह का विरोध या बाधा उत्पन्न न हो सके।
रेंजर चकिया अश्विनी चतुर्वेदी ने मौके पर बताया कि “वन भूमि को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सीमांकन बेहद जरूरी है। इसी के तहत आज पूरे दिन सीमांकन का काम किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर यह प्रक्रिया पूरी रात भी जारी रहेगी।” उन्होंने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर वन भूमि पर दोबारा कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
अभियान के दौरान नायब तहसीलदार मुहम्मद आरिफ,एके दूबे, आनन्द दूबे, जसवंत सिंह,सहित वनकर्मी, व बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई में किसी प्रकार की बाधा न आए और पूरे अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले दिन की कार्रवाई में बड़ी संख्या में अवैध झोपड़ियां और निर्माण ध्वस्त किए गए थे। दूसरे दिन का फोकस जमीन की स्पष्ट पहचान और सीमांकन पर रखा गया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। इसके लिए राजस्व विभाग की टीम ने नक्शा, खसरा और अभिलेखों के आधार पर जमीन की पैमाइश शुरू की।
अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर हल्की-फुल्की नाराजगी देखने को मिली, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के चलते कोई बड़ा विरोध सामने नहीं आया। प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और हर गतिविधि पर नजर रखी गई। जिससे सीमांकन की प्रक्रिया सटीक और पारदर्शी बनी रहे।

वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि जब तक पूरी जमीन अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाती और उसका सीमांकन पूरा नहीं हो जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी और वन भूमि पर कब्जा न करें और नियमों का पालन करें। चेतावनी दी गई है कि यदि कहीं भी अवैध कब्जा पाया गया तो इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रसिया बनवासी बस्ती में दूसरे दिन भी चली यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अब प्रशासन अतिक्रमण के मुद्दे पर कोई ढील देने के मूड में नहीं है। बुलडोजर की लगातार गूंज और रातभर चलने वाले सीमांकन का ऐलान यह बता रहा है कि वन भूमि को हर हाल में खाली कराया जाएगा और उसे सुरक्षित रखा जाएगा।




