चंदौली प्रशासन सख्त: दोहरा कनेक्शन मिला तो होगी कार्रवाई, एलपीजी सलेंडर अनिवार्य
चंदौली: केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा गैस वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अहम निर्णय लिया गया है। जारी निर्देशों के अनुसार अब कोई भी उपभोक्ता एक साथ पाइप्ड नेचुरल गैस और घरेलू गैस सिलेंडर दोनों कनेक्शन नहीं रख सकेगा। इस नई व्यवस्था को “एक घर, एक गैस सिस्टम” के रूप में लागू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है।
मंत्रालय के अनुसार, कई स्थानों पर यह देखा गया कि उपभोक्ता दोनों गैस सुविधाओं का लाभ ले रहे थे, जिससे गैस आपूर्ति प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। साथ ही सब्सिडी का भी अनुचित लाभ उठाए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में यह आवश्यक हो गया था कि गैस वितरण प्रणाली में सुधार करते हुए जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से गैस कनेक्शन का दुरुपयोग रुकेगा और जो लोग अभी तक गैस सुविधा से वंचित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा, यह कदम ऊर्जा संसाधनों के संतुलित उपयोग और बेहतर प्रबंधन की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन में चंदौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जनपद में इस नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों और गैस एजेंसियों को निर्देशित किया है कि ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जाए, जिनके पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन मौजूद हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन संचालित है, उन्हें अपना LPG कनेक्शन तत्काल प्रभाव से संबंधित गैस एजेंसी में सरेंडर करना होगा। यदि कोई उपभोक्ता इस नियम का पालन नहीं करता है और जांच के दौरान दोनों कनेक्शन का उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, कनेक्शन निरस्तीकरण और अन्य दंडात्मक प्रावधान शामिल हो सकते हैं।
हालांकि प्रशासन ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए यह भी कहा है कि LPG कनेक्शन सरेंडर करने पर गैस एजेंसी द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी राशि वापस कर दी जाएगी, जिससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान न हो। इसके लिए गैस एजेंसियों को भी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन जल्द ही विशेष जांच अभियान शुरू करने की तैयारी में है, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सत्यापन किया जाएगा। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा, ताकि वे स्वयं आगे आकर नियमों का पालन करें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस नई व्यवस्था को समझें और सहयोग करें। नियमों का पालन कर न केवल वे कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं, बल्कि गैस वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में भी अपनी भूमिका निभा सकते हैं। इस निर्णय के बाद जनपद में गैस उपभोक्ताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने इसे व्यवहारिक कठिनाइयों से जोड़कर अपनी चिंताएं भी व्यक्त की हैं। अब देखना होगा कि यह सख्ती जमीनी स्तर पर किस प्रकार लागू होती है और इसका आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ता है।




