सीसीटीवी से खुला लूट का राज, चकिया पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश
चकिया चंदौली: चकिया क्षेत्र में मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम देने वाले गिरोह का पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। घटना का खुलासा ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर किया गया।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर तथा क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय रही। पुलिस ने मु0अ0सं0-76/2026 से संबंधित मामले में अभियुक्त शिवा यादव पुत्र बाल किशुन यादव निवासी ग्राम दिरेहू थाना चकिया को गिरफ्तार किया, जबकि तीन बाल अपचारियों को चिन्हित कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
घटना 31 मार्च 2026 की शाम लगभग छह बजे की है, जब वादी शकील अहमद पुत्र जलालुद्दीन निवासी वार्ड नंबर-4 काली नगर अपने परिचित के यहां से ग्राम बैरा से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान बैरा पहाड़ी के पास पहले से घात लगाए बैठे चार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली। आरोपियों ने उन्हें जबरन नीचे गिराकर मारपीट की और जेब में रखे 28,720 रुपये नकद छीन लिए। इतना ही नहीं, बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर वादी से 1,359 रुपये ऑनलाइन गूगल पे के माध्यम से भी अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इस संबंध में पीड़ित की तहरीर पर थाना चकिया में धारा 309(6), 115(2), 352, 351(2), 126(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत मिले तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवा यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसके साथियों के रूप में तीन बाल अपचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें बाद में पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त शिवा यादव गिरोह का सरगना है और इसके खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं पकड़े गए बाल अपचारियों का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है, जिनमें पूर्व के मामलों में भी उनकी संलिप्तता पाई गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जो लूट की रकम का हिस्सा बताए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूती मिली है और आमजन में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, उपनिरीक्षक सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल भगत सिंह चौहान, कांस्टेबल अनिल सिंह और कांस्टेबल रिजवान अली की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और सूझबूझ से घटना का सफल खुलासा संभव हो सका।
उपरोक्त के संदर्भ में देखें क्या कह रहे हैं सीओ चकिया रघुराज जी




