सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग को लेकर पीएचसी शहाबगंज में प्रदर्शन
शहाबगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहाबगंज में सोमवार को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर काम करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया। कर्मियों ने सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण की मांग उठाते हुए शासन-प्रशासन से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सीमित संसाधनों के बीच वे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सेवा देने वाले संविदा कर्मियों को स्थायी सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कर्मियों का कहना था कि उन्हें अपने भविष्य को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी रहती है। सेवा की अनिश्चितता और अपेक्षाकृत कम मानदेय के बावजूद वे नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में सरकार को उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
विरोध के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर शासन तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह विरोध मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए किया जा रहा है।
डा. क्रांति त्रिपाठी ने कहा कि संविदा स्वास्थ्य कर्मी वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटे रहने वाले कर्मियों को सम्मानजनक वेतन और सेवा सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार को उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
इस दौरान डॉ. रजनीश कौशल, डॉ. मनीष द्विवेदी, डॉ. एके श्रीवास्तव, दीपक चक्रवर्ती, मुकेश कुमार सुमन, डॉ. अमित जायसवाल, डॉ. विनय, स्टाफ नर्स प्रिया कौशल, एएनएम रंजना राय, सुनीता पांडेय सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।




