शहाबगंज में बीएमएम की तैनाती की मांग को लेकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह व बीडीओ को सौंपा पत्रक, पुराने विवाद के बाद फिर गरमाया मामला
शहाबगंज (चंदौली)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने सोमवार को शहाबगंज ब्लॉक में बीएमएम की तैनाती की मांग को लेकर आवाज उठाई। समूह की महिलाओं ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह और खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह को पत्रक सौंपकर शहाबगंज में बीएमएम की तैनाती कराने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि ब्लॉक में समूहों के संचालन, बैंकिंग कार्य, भुगतान और अन्य गतिविधियों के लिए बीएमएम की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मामला महज नई मांग तक सीमित नहीं है। शहाबगंज ब्लॉक में बीएमएम की कार्यप्रणाली और तैनाती को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद सामने आता रहा है। हाल में बीएमएम पूर्णेंदु शंकर मिश्रा को जिला मुख्यालय स्थित डीएमएमयू से संबद्ध किए जाने के बाद भी यह मामला चर्चा में रहा। इसके बाद अब स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का बीएमएम की तैनाती की मांग को लेकर जनप्रतिनिधि और ब्लॉक अधिकारियों के पास पहुंचना इस प्रकरण को नया मोड़ देता है।
समूहों के कामकाज का हवाला देकर की तैनाती की मांग
महिलाओं ने पत्रक के माध्यम से बताया कि स्वयं सहायता समूहों के कार्यों को आगे बढ़ाने में ब्लॉक स्तर पर बीएमएम और मिशन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। समूहों के बैंक खाते, भुगतान, बैठकों, आजीविका गतिविधियों तथा अन्य कार्यों के लिए लगातार समन्वय की जरूरत होती है। ऐसे में ब्लॉक में बीएमएम की तैनाती नहीं होने से समूहों को दिक्कत होने की बात महिलाओं ने रखी।
महिलाओं ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह और बीडीओ दिनेश सिंह से मामले में पहल कर शहाबगंज में बीएमएम की तैनाती कराने का आग्रह किया।
पहले भी विवाद में रहा है बीएमएम का मामला
गौरतलब है कि इससे पहले बीएमएम पूर्णेंदु शंकर मिश्रा ने आरोप लगाया था कि एक भुगतान संबंधी मामले को लेकर जिला स्तर की अधिकारी से उनकी कहासुनी हुई और उनके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बाद 16 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश संख्या 281/स्था0/एनआरएलएम/2026-27 के तहत पूर्णेंदु शंकर मिश्रा, बीएमएम शहाबगंज को तत्काल प्रभाव से जिला मुख्यालय (डीएमएमयू) से अग्रिम आदेश तक संबद्ध कर दिया गया था। आदेश में संबद्ध किए जाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है।
इसी पूरे घटनाक्रम के बीच अब समूह की महिलाओं द्वारा शहाबगंज में बीएमएम की तैनाती की मांग किए जाने से मामला फिर चर्चा में आ गया है।
महिलाओं की मांग से उठे सवाल
महिलाओं की ओर से बीएमएम की तैनाती की मांग ऐसे समय की गई है, जब एनआरएलएम में कर्मचारियों के तबादले, संबद्धता और कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग महिलाओं की मांग पर क्या निर्णय लेता है और शहाबगंज में बीएमएम की तैनाती कब तक होती है।




