डोड़ापुर में गूंजा समानता का संदेश, बाबा साहेब के विचारों पर चला चिंतन
चकिया (चंदौली): चकिया क्षेत्र के डोड़ापुर गांव में मंगलवार की देर शाम सामाजिक समरसता और संविधान के प्रति आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक शारदा प्रसाद के आवास पर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने बारी-बारी से अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहेब के योगदान, संघर्ष और उनके आदर्शों को विस्तार से रखा।

पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक शारदा प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जी रहे हैं, उसकी मजबूत नींव बाबा साहेब ने ही रखी थी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शिक्षा को अपनाएं और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहें, यही बाबा साहेब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। डा. गीता शुक्ला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक महान नेता ही नहीं बल्कि एक सशक्त विचारधारा के प्रतीक हैं। उन्होंने महिलाओं और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वह आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समानता तभी संभव है जब हर व्यक्ति को शिक्षा और अवसर समान रूप से मिलें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।

डा. परशुराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान का निर्माण कर डॉ. अंबेडकर ने देश को एक ऐसी दिशा दी, जो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आज के समय में संविधान के मूल्यों को समझना और उन्हें अपने जीवन में उतारना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में फैली असमानताओं को खत्म करने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। अश्वनी दुबे ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन अगर वे बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाएं तो हर मुश्किल का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन और जागरूकता ही समाज को आगे ले जाने का रास्ता है। उन्होंने युवाओं से संविधान के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, उनके विचारों और उनके द्वारा किए गए सामाजिक सुधारों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज में कई प्रकार की असमानताएं मौजूद हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है। इस अवसर पर पूर्व प्रमुख शिवेन्द्र सिंह, बनारसी सिंह, कुलदीप सिंह, डा. सीपी उपाध्याय, वशिष्ठ सिंह मौर्य,चंद्रेश पांडेय, पंकज दुबे,नुरूलहोदा, अनिल सिंह,टुन्ना गुरु, गुरुदेव चौहान, पवन जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, शैलेश सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग मौजूद थे। संचालन डा. अभिषेक पांडेय ने किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।
समापन के दौरान आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही जीवंत और प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।




