वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और सामाजिक विचारों पर विस्तार से डाला प्रकाश
शहाबगंज, चंदौली। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर सोमवार को क्षेत्र के ग्राम हड़ौरा में भगत सिंह विचार मंच के तत्वावधान में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कॉमरेड श्याम बिहारी सिंह ने किया। गोष्ठी में वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह के जीवन, उनके संघर्ष, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान और सामाजिक विचारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह केवल स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी ही नहीं थे, बल्कि समाज में समानता, जनभागीदारी और शोषणमुक्त व्यवस्था के पक्षधर विचारक भी थे। उन्होंने देश की आजादी के साथ ही ऐसे समाज की कल्पना की थी, जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले। वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को भगत सिंह के जीवन और उनके लेखन का अध्ययन कर उनके विचारों को समझने की जरूरत है।
गोष्ठी में कहा गया कि भगत सिंह ने अपने जीवन के छोटे से कालखंड में देश और समाज के लिए जो विचार प्रस्तुत किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगत सिंह ने युवाओं में देश और समाज के प्रति जागरूकता पैदा करने का कार्य किया। उनके विचार युवाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और जनहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
इस दौरान महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े अन्य महापुरुषों के विचारों का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने भगत सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके संघर्ष और विचारों को याद किया।
गोष्ठी में वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास तथा आजादी के बाद देश के विकास मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भगत सिंह को केवल जयंती के अवसर पर याद करने के बजाय उनके लेखन और विचारों का अध्ययन कर उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में वसीम अहमद, आनंद महामाया मार्गदर्शी, अलियार, रामकेश, रामअवध सिंह, करुणेश पांडेय सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मिश्री लाल पासवान ने किया, जबकि अध्यक्षता रामजी यादव ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।




