स्वामीनाथन आयोग लागू करने की मांग
चंदौली। किसान संयुक्त मोर्चा (एसकेएम) एवं अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर उत्तर प्रदेश किसान सभा जनपद चंदौली की मंडल कमेटी शहाबगंज द्वारा गुरुवार को निचोट कला गांव में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों ने खरीफ फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की प्रतियां जलाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसानों ने मांग की कि भारत सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करे और सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना यानी सी-2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित किया जाए। किसानों का कहना था कि जब तक किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा तब तक उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसलों के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ रहे हैं। डीजल, खाद, बीज और सिंचाई की लागत बढ़ने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। किसानों ने कहा कि अन्नदाता का उत्पीड़न बंद होना चाहिए और किसानों के हित में ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद एडवोकेट ने कहा कि देश का किसान आज अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा।
कार्यक्रम में नंदलाल राम, लालजी मास्टर, बडेलाल, छोटेलाल, भोला यादव, श्रीकृष्ण यादव, अरविंद कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर एमएसपी की प्रतियां जलाते हुए सरकार से किसानों की मांगें पूरी करने की अपील की।




