लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी, बस्ता जमा करने की चेतावनी; अंतर्मंडलीय स्थानांतरण से 2800 ग्रेड पे तक की मांग
चन्दौली एक्सप्रेस चंदौली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की लंबित एवं न्यायोचित मांगों पर शासन और राजस्व परिषद स्तर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लेखपालों में नाराजगी है। चकिया तहसील इकाई की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 22 सितंबर 2026 से लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्र के कार्य का बहिष्कार करते हुए बस्ता जमा करेंगे। संघ ने दो अगस्त 2026 को जारी कार्यवृत्त के क्रम में परिषद व शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है।
संघ ने बताया कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की आधारशिला होने के साथ राजस्व अभिलेख, नामांतरण, पैमाइश, किसान हित, आपदा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस समेत विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व निभाते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी कई मांगें लंबित हैं। संघ ने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण को प्रमुख मांग बनाया है। पत्र के अनुसार वर्ष 2019 में करीब 650 लेखपालों का गृह मंडल में स्थानांतरण हुआ था। इसके बाद 16 मई 2025 को राजस्व परिषद का पोर्टल खोलकर 2669 लेखपालों से आवेदन लिए गए, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। संघ के मुताबिक करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद व गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं।
इसके अलावा चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने, चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने तथा लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई है। संघ ने भत्तों में वृद्धि, स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह करने सहित क्षेत्रीय कार्य से जुड़े भत्तों में बढ़ोतरी की मांग भी रखी है।
लेखपाल संघ ने भूलेख कार्यालय एवं अन्य पटलों पर संबद्ध लेखपालों को पटल कार्य से मुक्त कर मूल राजस्व कार्य में लगाए जाने की मांग की है। वहीं, ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना रोस्टर लगाए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। संघ ने अलग कक्ष, फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
इसी क्रम में प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे किए जाने और वेतन विसंगति दूर करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर आवश्यक तकनीकी संसाधन व मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में शामिल है। संघ ने 20 अगस्त 2026 को अयोध्या में लेखपाल संवर्ग से जुड़ी घटना का उल्लेख करते हुए संवर्ग की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों को लेकर चिंता भी जताई है।
संघ ने कहा है कि यदि 22 सितंबर तक लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो निर्धारित आंदोलनात्मक कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त क्षेत्र के कार्य का बहिष्कार कर बस्ता जमा किया जाएगा। पत्र तहसील अध्यक्ष ऋषि सिंह ‘बिसेन’ और तहसील मंत्री धनंजय जायसवाल की ओर से जारी किया गया है।




