चकिया विकास खंड में बीबीजी राम जी के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी पर सवाल—मवैया में चकरोड पर मिट्टी तो इसहूल में सड़क की पटरी पर मिट्टी डालकर मरम्मत, 16 सितंबर को भी एनएमएमएस पर दर्ज हुई उपस्थिति
चन्दौली एक्सप्रेस चकिया। खेतों में धान की फसल लहलहा रही है और लगातार बारिश के चलते खेतों में पानी मौजूद है। इसके बीच चकिया विकास खंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में बीबीजी राम जी के तहत सड़क की पटरी और चकरोट को संवारने का कार्य जारी है। ऑनलाइन रिकॉर्ड में कार्यों की आईडी स्वीकृत है और 16 सितंबर 2026 को एनएमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति भी दर्ज की गई है। ऐसे में इन कार्यों की उपयोगिता, तकनीकी औचित्य और स्थलीय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चकिया विकास खंड की चितौड़ी ग्राम पंचायत में मुन्ना तिवारी के खेत से रामभजन के खेत तक सड़क के दोनों तरफ पटरी मरम्मत कार्य, मवैया ग्राम पंचायत में चमार बस्ती से अजय पाठक के मशीन तक चकरोड पर मिट्टी का कार्य तथा इसहूल ग्राम पंचायत में प्रभु के खेत से विनय चौहान के खेत तक सड़क की पटरी पर मिट्टी डालकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। तीनों कार्यों का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध है और कार्यस्थलों पर एनएमएमएस के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति भी दर्ज की जा रही है।
लगातार बारिश के बीच मवैया में चकरोड पर मिट्टी का कार्य कराया जा रहा है, जबकि आसपास के खेतों में धान की फसल खड़ी है और बारिश का पानी भी खेतों में दिखाई दे रहा है। ऐसे में कार्य में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी कहां से लाई जा रही है, कितनी मात्रा में मिट्टी डाली जा रही है और कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप हो रहा है या नहीं, यह स्थलीय निरीक्षण का विषय है। इसी तरह चितौड़ी में सड़क के दोनों तरफ पटरी मरम्मत कार्य चल रहा है। सड़क के अगल-बगल खेतों में धान की फसल लगी होने के बीच पटरी पर डाली जा रही मिट्टी की व्यवस्था और कार्य की वास्तविक मात्रा की जांच भी जरूरी है।
वहीं इसहूल में प्रभु के खेत से विनय चौहान के खेत तक सड़क की पटरी पर मिट्टी डालकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। यहां भी कार्य की लंबाई, चौड़ाई, मिट्टी की मात्रा और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य की प्रगति का मौके पर सत्यापन किया जा सकता है। खास बात यह है कि कार्य अभी जारी है और 16 सितंबर को भी एनएमएमएस पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज हुई है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों के लिए मौके पर पहुंचकर कार्य की वास्तविक स्थिति का मिलान ऑनलाइन रिकॉर्ड से करना आसान है।
सरकारी योजना में कार्य की आईडी स्वीकृत होने और एनएमएमएस पर उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी निगरानी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। वास्तविक पारदर्शिता तभी सुनिश्चित होगी जब ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज कार्य और मौके पर हो रहे कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाए। कार्य की माप, श्रमिकों की मौजूदगी, मिट्टी की मात्रा और कार्यस्थल की स्थिति की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कार्य वास्तव में किस स्तर तक धरातल पर हो रहा है।
चकिया विकास खंड में बीबीजी राम जी के तहत चल रहे इन कार्यों को लेकर अब निगाहें जिम्मेदार अधिकारियों की स्थलीय निगरानी पर हैं। बीडीओ साहब, कार्यालय की फाइलों और ऑनलाइन पोर्टल से आगे बढ़कर कभी कार्यस्थलों का भी चक्कर लगा लीजिए। अभी काम चल रहा है, एनएमएमएस पर उपस्थिति दर्ज हो रही है और मौके की स्थिति भी देखी जा सकती है। ऐसे में समय रहते निरीक्षण होने पर तस्वीर साफ हो सकती है कि पटरी कितनी ‘सवर रही’ है,चकरोड पर कितना मिट्टी कार्य हुआ है और कागजों में दर्ज विकास जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है।
खेतों में धान लहलहा रहा है, चकरोड पर मिट्टी पड़ रही है और सड़क की पटरी भी ‘सवर रही’ है… अब साहब जरा मौके पर पहुंचकर देख लें कि विकास धरातल पर चल रहा है या फाइलों में ही रास्ते बन रहे हैं।




