“स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन”, योग-आयुर्वेद अपनाने की अपील
इलिया (चंदौली)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर बरहुआ स्थित मृत्युंजय हॉस्पिटल में मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। इस मौके पर आयुर्वेद के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार दूबे ने कहा कि स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन की कुंजी है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है”, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। डॉ. दूबे ने बताया कि आयुर्वेद केवल बीमारी का उपचार नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वैज्ञानिक जीवनशैली है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। योग, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के जरिए व्यक्ति कई गंभीर बीमारियों से बच सकता है। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती बीमारियों के बीच आयुर्वेद और योग का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 की विश्व स्वास्थ्य दिवस थीम “स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों” रखी गई है, जिसका उद्देश्य सामूहिक प्रयासों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था और जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को बताया गया कि स्वस्थ रहने के लिए शरीर और मन का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए समय पर भोजन करना, पर्याप्त नींद लेना, नियमित व्यायाम करना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। साथ ही प्रदूषण और अनियमित खानपान से दूरी बनाने की भी सलाह दी गई। डॉ. दूबे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अपने दैनिक कार्यों के कारण शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं, लेकिन बदलती जीवनशैली और मानसिक तनाव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।
कार्यक्रम में आशीष पांडेय, अशोक, अरविंद चौबे, विनोद सिंह, कमलेश पांडेय और अयोध्या प्रसाद समेत कई लोग मौजूद रहे। अंत में लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।




