रामसूरत चौहान का नहीं टूटा थाना मोह, सवालों में विभागीय कार्रवाई

इलिया : रवानगी के बाद भी इलिया ही बना ठिकाना
विभागीय कार्रवाई के तहत लाइन हाजिर किए जाने के बाद माना जा रहा था कि कारखास रामसूरत चौहान का इलिया थाना से नाता खत्म हो जाएगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। थाना से औपचारिक रवानगी के बावजूद उनका अधिकांश समय इलिया क्षेत्र में ही गुजरता रहा।
दिन में लाइन… रात में इलिया थाना परिसर!
सूत्रों की मानें तो दिन में लाइन हाजिरी और रात होते ही इलिया थाना परिसर व क्षेत्र में सक्रियता — यह सिलसिला लगातार चर्चा का विषय बना रहा। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर आदेश के बाद भी पुराना थाना ही कर्मभूमि कैसे बना हुआ है और यह सब किसके संरक्षण में चल रहा है।

कार्रवाई या सिर्फ कागजी खानापूर्ति?
पुलिस महकमे में अब यह चर्चा तेज है कि यदि लाइन हाजिर होने के बाद भी वही थाना, वही क्षेत्र और वही सक्रियता जारी है तो कार्रवाई का वास्तविक मतलब क्या रह जाता है। क्या आदेश सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गया या फिर नियमों से ऊपर कोई अदृश्य शक्ति काम कर रही है?
आज फिर इलिया थाने पर दिखी मौजूदगी
शुक्रवार को एक बार फिर रामसूरत चौहान की इलिया थाने पर मौजूदगी की चर्चा ने पूरे मामले को गरमा दिया है। अब निगाहें जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इसे संयोग मानकर नजरअंदाज करेंगे या विभागीय अनुशासन को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।




