“किसी कीमत पर नहीं खुलने देंगे दुकान” — महिलाओं का ऐलान, पुलिस ने समझाकर कराया शांत
एक अप्रैल से दुकान शिफ्ट होने की सूचना पर भड़की महिलाएं
शक्ति माई मंदिर और ई-लाइब्रेरी के पास प्रस्तावित है दुकान
महिलाओं ने माहौल बिगड़ने और सुरक्षा पर जताई चिंता
मौके पर पहुंची पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
इलिया /चंदौली। बरियारपुर गांव में संचालित अंग्रेजी शराब की दुकान को आगामी एक अप्रैल से परमंदापुर गांव में स्थानांतरित किए जाने की सूचना मिलते ही मंगलवार को ग्रामीण महिलाओं में आक्रोश फैल गया। दर्जनों की संख्या में महिलाएं प्रस्तावित स्थल के पास एकत्रित हो गईं और जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी हालत में गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उनका कहना था कि जिस स्थान पर दुकान खोली जानी प्रस्तावित है, वहां पास में ही आस्था का केंद्र शक्ति माई का मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। इसके अलावा नजदीक ही ई-लाइब्रेरी संचालित है, जहां छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं।
महिलाओं ने आशंका जताई कि शराब की दुकान खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा और महिलाओं व छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे गांव का सामाजिक वातावरण भी प्रभावित होगा और आने-जाने में परेशानी बढ़ेगी।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद महिलाएं शांत हुईं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस दौरान उषा देवी, सोनिया देवी, तेतरा देवी, संगीता देवी, सावित्री देवी, शिव कुमारी देवी, सुदामी देवी, मंजू देवी, फुलहरा देवी, रिम्पा देवी, मुनिया देवी, आशा देवी, माधुरी देवी, गुड्डू बिंद, बृजेश, श्रीमोहन, मोहन, दसरथ, रामलाल, भुवाल और सुराहु सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रदर्शन करती महिलाओं का देखें वीडियो




