घर लौटने की बात कहकर निकला था मजदूर, चार दिन बाद मर्चरी में मिली लाश
शहाबगंज (चंदौली): थाना क्षेत्र के राममाड़ो गांव निवासी 51 वर्षीय मजदूर रामजी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार रामजी एक अप्रैल को काम के सिलसिले में भदोही गए थे। छह अप्रैल को दिन में करीब 11 बजे उन्होंने घर फोन कर बताया कि उनके पेट में तेज दर्द है और वह वापस आ रहे हैं, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे।
चिंतित परिजनों ने जब फोन किया तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 10 अप्रैल को सूचना मिली कि चकिया जिला चिकित्सालय के मर्चरी हाउस में एक अज्ञात शव रखा है। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां शव की पहचान रामजी के रूप में हुई। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बताया जा रहा है कि सात अप्रैल को चकिया थाना क्षेत्र के पचवनियां गांव के पास रामजी घायल अवस्था में मिले थे। ग्रामीणों ने उन्हें चकिया जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान आठ अप्रैल को उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है।
मृतक के पुत्र ने चकिया कोतवाली में लिखित तहरीर दे दी है। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय चंदौली भेज दिया है। मामले की सूचना मिलने पर प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष पवन प्रताप सिंह भी कोतवाली पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
इस संबंध में चकिया कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।




