भाई सिपाही धर्मेंद्र यादव पहले ही जा चुका है जेल, अब दोनों पर कसा शिकंजा
इलिया/चंदौली: जनपद में अपराध व गो-तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गो-तस्करों की मदद करने वाले एक निलंबित आरक्षी को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में आरोपी सत्येंद्र यादव के साथ उसके भाई, सिपाही धर्मेंद्र यादव का नाम पहले ही सामने आ चुका है, जिसे पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब दोनों भाइयों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।

उच्चाधिकारियों के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक चंदौली विजय बहादुर सिंह एवं थानाध्यक्ष इलिया चंदन कुमार राय के नेतृत्व में थाना चंदौली व इलिया पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। यह गिरफ्तारी थाना इलिया पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 27/2026 (गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम) में पहले से गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ, मोबाइल फोन के व्हाट्सएप कॉल/चैट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान व भूमिका

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान आरक्षी सत्येंद्र यादव पुत्र भगवती प्रसाद यादव, निवासी ग्राम सुडारी थाना अकबरपुर जनपद अम्बेडकरनगर (उम्र करीब 26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में चकरघट्टा थाना, जनपद चंदौली में नियुक्त था और कार्रवाई के बाद से निलंबित चल रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने भाई धर्मेंद्र यादव के साथ मिलकर गो-तस्करों को चंदौली बॉर्डर पार कराने, पुलिस गश्त की लोकेशन बताने और सुरक्षित रास्तों की जानकारी देने का काम करता था। इसके बदले दोनों द्वारा तस्करों से ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से धन लिया जाता था।
अम्बेडकरनगर से हुई गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने आरोपी को 12 अप्रैल 2026 को शाम करीब 7:30 बजे पलई बाजार, थाना सम्मनपुर, जनपद अम्बेडकरनगर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
आपराधिक इतिहास व विभागीय कार्रवाई
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी थाना सैयदराजा में वर्ष 2025 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7/8 के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा वर्तमान मामले में गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व बीएनएस की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी टीम को मिली सफलता

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक तरुण कुमार कश्यप, हेड कांस्टेबल रविशंकर व कांस्टेबल अरविंद कुमार की अहम भूमिका रही।
गो-तस्करी पर लगातार प्रहार
चंदौली पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में गो-तस्करी से जुड़े 162 मुकदमे दर्ज कर 410 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान 1297 गोवंश, 90 किलोग्राम गोमांस व 178 वाहन बरामद किए गए। साथ ही 17 अभियुक्तों पर गुंडा एक्ट व 38 अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई तथा 73.96 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
वहीं वर्ष 2026 में अब तक 46 मुकदमों में 127 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 345 गोवंश व 55 वाहन बरामद किए जा चुके हैं। साथ ही गैंगस्टर एक्ट व अन्य विधिक कार्रवाई भी जारी है।
इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि अपराधियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों—चाहे वे पुलिसकर्मी ही क्यों न हों—को भी बख्शा नहीं जाएगा।
सिपाही गिरफ्तारी के संदर्भ में बताते एसपी आकाश पटेल




