मक्का शरीफ के लिए निकले जायरीन, गांव में दिखा आस्था और भावनाओं का संगम
चंदौली।
दुलहीपुर क्षेत्र से सोमवार को हज यात्रा के लिए जायरीनों का एक जत्था पूरे उत्साह और धार्मिक माहौल के बीच रवाना हुआ। इस पवित्र यात्रा पर जाने वालों में मलोखर गांव निवासी अकरम वकील अपनी पत्नी जहां आरा के साथ, कुंडा कला गांव से सदरुद्दीन भूट्टो अपनी पत्नी जीनत परवीन के साथ, जमालुद्दीन तथा कठेसर गांव से मो. विक्की शामिल हैं। सभी जायरीन अपने-अपने परिजनों और शुभचिंतकों से दुआएं लेकर निजी वाहनों के माध्यम से लखनऊ स्थित हज हाउस के लिए रवाना हुए, जहां से वे मंगलवार की भोर में फ्लाइट के जरिए सऊदी अरब के मक्का शरीफ के लिए प्रस्थान करेंगे।

जायरीनों की विदाई के मौके पर गांव और आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर, गले मिलकर और दुआओं के साथ उन्हें रवाना किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और भावुक नजर आया। हर किसी की जुबां पर यही दुआ थी कि जायरीन सकुशल हज के सभी अरकान अदा कर वापस लौटें और अपने साथ बरकत और रहमत लेकर आएं। हज यात्रा इस्लाम धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक कर्तव्य है, जिसे हर सक्षम मुस्लिम के लिए जीवन में कम से कम एक बार अदा करना फर्ज माना गया है। यह यात्रा सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का और मदीना में संपन्न होती है, जहां दुनिया भर से लाखों की संख्या में मुसलमान एकत्र होकर अल्लाह की इबादत करते हैं। हज के दौरान तवाफ, सई और अराफात में वकूफ जैसे अहम अरकान अदा किए जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया लगभग 40 से 45 दिनों तक चलती है और इसमें अनुशासन, धैर्य, भाईचारे और समर्पण की भावना प्रमुख रूप से झलकती है।

इस अवसर पर मौजूद हाजी परवेज अहमद जोखू ने जायरीनों को संबोधित करते हुए कहा कि हज सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जो लोग हज पर जा रहे हैं, वे अपने साथ पूरे क्षेत्र की उम्मीदें और दुआएं लेकर जा रहे हैं। उन्होंने जायरीनों से अपील की कि वे वहां पहुंचकर देश और समाज की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए विशेष दुआ करें। उन्होंने यह भी कहा कि हज इंसान को सब्र, त्याग और एकता का संदेश देता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिलती है। विदाई समारोह में हाजी परवेज अहमद जोखू, औसाफ अहमद गुड्डू, यहियां खां बब्बन, मो. शाहिद शिब्बू, हाजी परवेज अख्तर, चंद्रशेखर यादव, रागिब अली धन्नू प्रधान, अकील अहमद बाबू, सैफ सिद्दीकी शोले प्रधान, महेंद्र यादव प्रधान, जिशान प्रधान, खुर्शीद अहमद, फैजान सिद्दीकी गोलू, मो. दानिश, रमेश यादव, अयूब अहमद पिंटू, आरिफ अहमद, समीर, छोटू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जायरीनों के रवाना होने के साथ ही क्षेत्र में एक धार्मिक उत्साह और गर्व का माहौल बना हुआ है। परिजन और ग्रामीण उनके सुरक्षित और सफल हज की कामना करते हुए उनके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।




