अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर करते थे तस्करी, पश्चिम बंगाल तक पहुंचता था नेटवर्क
नौगढ़। नौगढ़ थाना पुलिस ने गोवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 गोवंश बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर गोवंशों को पैदल बिहार ले जा रहे थे, जहां से उन्हें वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत नौगढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग औरवाटाड़ जंगल के रास्ते बड़ी संख्या में गोवंश लेकर बिहार की ओर जा रहे हैं। सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस टीम ने रविवार शाम करीब 6:35 बजे घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके से 20 गोवंश बरामद किए गए और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनोज कोल, राममूरत कोल और मुन्ना प्रसाद कोल के रूप में हुई है। तीनों नौगढ़ क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आसपास के गांवों से सस्ते दामों में गोवंश खरीदते थे और पुलिस से बचने के लिए जंगल के रास्तों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें बिहार ले जाते थे। वहां ऊंचे दामों में बिक्री के बाद गोवंशों को पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। तस्करी से होने वाले मुनाफे को आरोपी आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव, चौकी प्रभारी औरवटाड़ धनई प्रसाद, चौकी प्रभारी चंद्रप्रभा तरुण पांडेय समेत नौगढ़ थाने की पुलिस टीम शामिल रही।




