किसानों की सिंचाई समस्या पर सक्रिय हुए मंटू सिंह, मंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
शहाबगंज। क्षेत्र में धान की खेती का मौसम शुरू होते ही किसानों की निगाहें सिंचाई व्यवस्था पर टिक गई हैं। इन दिनों गांवों में धान की नर्सरी तैयार करने का कार्य तेजी से चल रहा है और आगामी दिनों में खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे समय में क्षेत्र की विभिन्न नहरों पर पुलिया निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों के अधूरे पड़े रहने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा कई स्थानों पर कराए जा रहे निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो सके हैं, जिससे समय पर नहरों में पानी छोड़े जाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
किसानों का कहना है कि धान की खेती पूरी तरह सिंचाई पर आधारित होती है। यदि समय से नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो नर्सरी तैयार होने के बावजूद रोपाई कार्य प्रभावित हो सकता है। क्षेत्र के अनेक गांवों के किसान नहरों के पानी पर निर्भर हैं और वैकल्पिक सिंचाई संसाधन सभी किसानों के पास उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों की धीमी गति किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

इसी समस्या को लेकर खखड़ा गांव निवासी किसान एवं भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष तथा चकिया मंडल प्रभारी प्रेम नारायण सिंह उर्फ मंटू सिंह शनिवार को लखनऊ पहुंचे। वहां उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर क्षेत्रीय किसानों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा। मंटू सिंह ने मंत्री को अवगत कराया कि धान की खेती का महत्वपूर्ण समय शुरू हो चुका है और यदि नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य समय से पूरे नहीं हुए तो हजारों किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर पुलिया और नहर मरम्मत के कार्य चल रहे हैं, लेकिन उनकी प्रगति संतोषजनक नहीं है। यदि इन कार्यों में तेजी नहीं लाई गई तो नहरों में पानी छोड़ने में देरी होगी, जिसका सीधा असर खेती पर पड़ेगा। उन्होंने किसानों की ओर से मांग की कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाए और समय से नहरों में पानी छोड़ा जाए।
किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल शक्ति मंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों से मोबाइल फोन पर वार्ता की। उन्होंने जिले के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों एवं पुलियों से जुड़े सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। मंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सिंचाई व्यवस्था प्रभावित न होने पाए और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री के आश्वासन के बाद क्षेत्रीय किसानों में राहत की उम्मीद जगी है। किसानों का मानना है कि यदि प्रशासन और सिंचाई विभाग समय रहते निर्माण कार्य पूर्ण कराकर नहरों में पानी उपलब्ध करा देता है तो धान की रोपाई सुचारु रूप से हो सकेगी। अब किसानों की निगाहें विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान होगा।




