मंदिर से घंटा- चोरी, ब्लॉक परिसर से बाइक गायब, अब कटवा-माफी में नगदी व जेवरात पर हाथ साफ; पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चन्दौली एक्सप्रेस | शहाबगंज ,थाना शहाबगंज पुलिस ने हाल ही में चार पुराने चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी के पैसों से खरीदी गई नई पल्सर बाइक और महंगा आईफोन बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने इसे बड़ी सफलता बताया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। खुलासे के बाद भी थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं, जिससे पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण के दावों पर सवाल उठने लगे हैं।
क्षेत्र में सबसे पहले शहाबगंज के एक मंदिर से घंटा और प्रतिमा चोरी होने की घटना सामने आई। इसके बाद ब्लॉक मुख्यालय परिसर से दिनदहाड़े एक बाइक चोरी हो गई। इन दोनों घटनाओं का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया था कि शुक्रवार की रात चोरों ने कटवा-माफी गांव निवासी राम प्यारे पासवान के घर को निशाना बना लिया।

जानकारी के अनुसार राम प्यारे पासवान परिवार के साथ भोजन करने के बाद मकान की छत पर सोने चले गए थे। देर रात चोर छत के रास्ते घर में घुस गए और कमरे में रखी करीब 10 हजार रुपये की नगदी तथा सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। शनिवार सुबह जब परिवार के लोग नीचे पहुंचे तो घर का सामान बिखरा पड़ा मिला। इसके बाद डायल-112 पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी।
लगातार तीसरे दिन चोरी की वारदात होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि एक ओर पुलिस पुराने मामलों के खुलासे का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर नई घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि पुलिस की रात्रि गश्त और निगरानी प्रभावी है, तो चोर लगातार वारदातों को अंजाम कैसे दे रहे हैं?

ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर से धार्मिक आस्था जुड़ी है, ब्लॉक परिसर जैसी सरकारी जगह से दिनदहाड़े बाइक चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है और अब घर में चोरी की घटना ने लोगों का भरोसा भी डगमगा दिया है। लोगों ने रात्रि गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने और चोरी की सभी घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अपराध पर वास्तविक नियंत्रण का पैमाना केवल पुराने मामलों का खुलासा नहीं, बल्कि नई वारदातों को रोकना है। जब तक चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लगता, तब तक लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल बना रहेगा।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि कटवा-माफी की चोरी सहित सभी मामलों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में कब तक सफल होती है।




