16 राज्यों तक फैला था साइबर ठगी का नेटवर्क, 17 म्यूल खातों से जुड़ी 76 शिकायतों में करीब 29 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
चंदौली। जनपद में साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अलीनगर पुलिस और साइबर सेल को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने ऑनलाइन साइबर ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था कराने और उनके संचालन में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क देश के 16 राज्यों तक फैला हुआ है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 08 बैंक खाता विवरण संबंधी दस्तावेज, 05 पासबुक, 01 चेकबुक, 06 डेबिट कार्ड, 06 सिम कार्ड, 02 कूटरचित आधार कार्ड, 03 स्मार्ट मोबाइल फोन और 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।
17 म्यूल खातों से जुड़ी 76 साइबर शिकायतें
पुलिस के अनुसार, वर्तमान जांच में चिन्हित 17 म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध NCRP पोर्टल पर कुल 76 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज मिली हैं। इन शिकायतों में करीब 29 लाख रुपये की ठगी का विवरण सामने आया है। वहीं गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद बैंक दस्तावेजों और NCRP पोर्टल के मिलान में कुल 7,20,725 रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित विवरण प्राप्त हुआ है।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 10 अगस्त की रात साइबर सेल और अलीनगर पुलिस टीम म्यूल खातों तथा साइबर फ्रॉड से जुड़े संदिग्धों की तलाश में चकिया तिराहे के पास मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि साइबर ठगी की रकम मंगाने और बैंक खातों में अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह के सदस्य वीआईपी गेट मुगलसराय, डीआरएम कार्यालय के पास मौजूद हैं और वहां से भागने की फिराक में हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी और रात करीब 9:52 बजे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बिहार तक पहुंच रहा था म्यूल खातों का नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार पुत्र कृष्णदेव प्रसाद, निवासी मीर चक, थाना वारिस अलीगंज, जनपद नवादा, बिहार और अमन शर्मा पुत्र सत्यनारायण शर्मा, निवासी सकलडीहा कोट, थाना सकलडीहा, चंदौली के रूप में हुई है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अमन शर्मा क्षेत्र में घूमकर लोगों के नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। इसके बाद वह पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेता था। नीतीश कुमार इन बैंकिंग दस्तावेजों और खातों को बिहार के नवादा निवासी सोनू सिंह तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार, इन्हीं खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था।
कूटरचित आधार कार्ड से पहचान छिपाने का आरोप
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कूटरचित आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आधार कार्ड पर आरोपियों की फोटो लगी थी, लेकिन उसमें दूसरे व्यक्तियों के नाम और पते अंकित थे। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि पहचान छिपाने और पुलिस से बचने के लिए इन कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था।
लोन, डिलीवरी और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह द्वारा अलग-अलग राज्यों के लोगों को बजाज फाइनेंस के नाम पर लोन दिलाने, ऑनलाइन डिलीवरी पार्सल भुगतान, फेसबुक विज्ञापन, पार्ट-टाइम जॉब और निवेश जैसे झांसे देकर साइबर ठगी की जाती थी।
बरामद म्यूल खातों में तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में दर्ज NCRP शिकायतों से जुड़ी ठगी की रकम के लेन-देन का पता चला है।
अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज
मामले में थाना अलीनगर में मु0अ0सं0 0496/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 339, 3(5) बीएनएस एवं धारा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस के अनुसार, बिहार निवासी सह-अभियुक्त सोनू सिंह की गिरफ्तारी के लिए टीम प्रयासरत है।
पहले भी तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं
पुलिस के अनुसार, इससे पहले 10 अगस्त को थाना चंदौली पुलिस और साइबर टीम ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से तीन पासबुक, तीन कूटरचित आधार कार्ड और एक वीवो स्मार्टफोन बरामद किया गया था।
गिरफ्तार करने वाली टीम
गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक अलीनगर गगनराज सिंह, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, व्हीकल सीजर प्रकोष्ठ के उपनिरीक्षक राजीव मल्ल, साइबर हेल्प डेस्क के उपनिरीक्षक अमित सिंह समेत साइबर सेल, सर्विलांस सेल और अलीनगर थाने की पुलिस टीम शामिल रही।




