बंद और संकरे कुएं में एक-एक कर उतरे पांच लोग, सभी हुए बेहोश
मृतक और घायल एक ही परिवार के चाचा-भतीजे, घटना के बाद गांव में मचा हड़कंप
डीएम-एसपी समेत अधिकारी पहुंचे गांव, डीएम ने ब्लॉक के सभी कुओं का सत्यापन कराने का दिया निर्देश
चंदौली एक्सप्रेस
शहाबगंज चंदौली
थाना क्षेत्र के किड़िहिरा गांव में शनिवार को बंद पक्के और संकरे कुएं से समरसेबल निकालने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से पांच लोग बेहोश हो गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर एंबुलेंस बुलाई गई और सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। किड़िहिरा गांव में करीब 20 फीट गहरे पक्के और संकरे कुएं में समरसेबल लगा था। शनिवार को उसे निकालने का प्रयास किया जा रहा था। बताया गया कि सबसे पहले वारिस उर्फ चंदा (17) बंद कुएं को खोलकर अंदर उतरे। कुछ देर बाद वह अचेत हो गए। उनके अचेत होने पर उन्हें बाहर निकालने के लिए परिवार के अन्य लोग भी क्रमश: कुएं में उतरते गए। कुएं में जहरीली गैस होने के कारण एक के बाद एक सभी बेहोश होते चले गए।
घटना की जानकारी होते ही परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एंबुलेंस को सूचना दी गई। सभी को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने वारिस उर्फ चंदा (17), तौकिर (17) और आखिरुज्जमा (28) को मृत घोषित कर दिया। वहीं शमसेर (25) और मेराज (26) को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। बताया गया कि मृतक और घायल आपस में चाचा-भतीजे हैं।

डीएम-एसपी समेत अधिकारी पहुंचे गांव
घटना की जानकारी मिलने के बाद शाम को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल, अपर पुलिस अधीक्षक सतीश और डीपीआरओ अविनाश कुमार समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली और मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

डीएम ने सभी कुओं का सत्यापन कराने का दिया निर्देश
हादसे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने डीपीआरओ अविनाश कुमार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक क्षेत्र के सभी गांवों में स्थित कुओं का एक बार सत्यापन कराया जाए। विशेष रूप से उन कुओं को चिह्नित किया जाए, जिनमें समरसेबल लगे हुए हैं।
डीएम ने निर्देश दिया कि ऐसे कुओं के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया जाए और उन्हें बताया जाए कि बिना सुरक्षा इंतजाम के कुएं में उतरना कितना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कुओं के सत्यापन और ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य शीघ्र पूरा कराने को कहा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

डीएम-एसपी के आने की सूचना पर सक्रिय हुआ पंचायत विभाग
उधर, अधिकारियों के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही पंचायत विभाग भी सक्रिय नजर आया। एडीओ पंचायत अरविंद सिंह ने तत्काल सफाईकर्मियों की टीम लगाकर गांव के मुख्य मार्ग की सफाई शुरू करा दी। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य मार्ग पर लंबे समय से गंदगी और कूड़े का ढेर लगा हुआ था। घटना के बाद डीएम और एसपी के गांव आने की सूचना मिलते ही सफाईकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और मुख्य मार्ग समेत सड़क किनारे जमा कूड़ा-कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। अचानक सफाई व्यवस्था शुरू होने को लेकर ग्रामीणों में चर्चा बनी रही। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में नियमित सफाई व्यवस्था रहती तो मुख्य मार्ग पर लंबे समय तक गंदगी का ढेर नहीं लगा रहता।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
कुएं में जहरीली गैस की मौजूदगी के बावजूद एक के बाद एक पांच लोगों के अंदर उतरने की घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और बंद कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बंद या लंबे समय से उपयोग में नहीं आने वाले कुओं में जहरीली गैस जमा हो सकती है। ऐसे स्थानों पर बिना जांच और सुरक्षा उपकरणों के उतरना जानलेवा हो सकता है। किड़िहिरा की घटना के बाद अब प्रशासन ने पूरे ब्लॉक में कुओं का सत्यापन कराने और समरसेबल लगे कुओं को चिह्नित कर ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। प्रशासन की इस पहल से भविष्य में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने की उम्मीद है।




