द्रवीलोक हॉस्पिटल के सामने हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसडीएम विकास मित्तल और सीओ अजीत चौहान, गंभीर हालत में बीएचयू वाराणसी रेफर
चकिया (चंदौली)।** चकिया स्थित द्रवीलोक हॉस्पिटल के सामने शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुरानाडीह जागेश्वरनाथ निवासी दुखंती वनवासी (40 वर्ष) को मृत समझकर परिजन अस्पताल के सामने प्रदर्शन करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में एंबुलेंस में मरीज की स्थिति की जांच कराई गई तो उनकी नब्ज चलती मिली।
इसके बाद तत्काल उन्हें चकिया स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन देने के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम विकास मित्तल, क्षेत्राधिकारी अजीत चौहान और चकिया कोतवाल संजय सिंह सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई गई।
*दो अक्टूबर को हुआ था ऑपरेशन*
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दुखंती वनवासी का दो अक्टूबर को चकिया स्थित द्रवीलोक हॉस्पिटल में ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर 12 अक्टूबर को उन्हें वाराणसी स्थित हेरिटेज हॉस्पिटल रेफर किया गया था। उपचार से जुड़े इसी मामले को लेकर शनिवार को परिजन द्रवीलोक हॉस्पिटल के सामने पहुंचे थे। परिजन मरीज की स्थिति को लेकर आक्रोशित थे और अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
**जांच में नब्ज चलती मिलने पर सरकारी अस्पताल पहुंचाया**
हंगामे की सूचना पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने एंबुलेंस में मौजूद दुखंती वनवासी की स्थिति की जांच कराई। जांच के दौरान उनकी नब्ज चलती मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल उन्हें चकिया के सरकारी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल में चिकित्सकों ने मरीज को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई। साथ ही पल्स और ब्लड प्रेशर की मशीन लगाकर उनकी स्थिति की निगरानी की गई। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए वाराणसी रेफर कर दिया।
**पुलिस-प्रशासन ने संभाली स्थिति**
घटना के दौरान द्रवीलोक हॉस्पिटल के सामने काफी संख्या में लोग जुट गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम विकास मित्तल, सीओ अजीत चौहान तहसीलदार देवेंद्र यादव और कोतवाल संजय सिंह ने स्थिति को संभालते हुए मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। अधिकारियों की मौजूदगी में मरीज को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें वाराणसी भेज दिया गया।फिलहाल दुखंती वनवासी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए बीएचयू वाराणसी रेफर किया गया है। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने और उपचार से संबंधित परिस्थितियों के संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




