चंद्रावती देवी कॉन्वेंट स्कूल की सराहनीय पहल, शोकाकुल परिवार को बंधाया ढांढस; बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की ली जिम्मेदारी*
चकिया (चंदौली)। सड़क हादसे में एक युवक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता का साया सिर से उठने के बाद सात वर्षीय इकलौते बेटे के भविष्य को लेकर परिवार के सामने चिंता खड़ी हो गई है। ऐसे कठिन समय में चंद्रावती देवी कॉन्वेंट स्कूल, भस्करपुर ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए बच्चे की कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई निःशुल्क कराने का निर्णय लिया है। विद्यालय की इस पहल से शोकाकुल परिवार को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, चकिया क्षेत्र के औराड़ी गांव निवासी 28 वर्षीय मुलायम यादव, पुत्र स्वर्गीय राजिंदर यादव, 17 अक्टूबर की शाम अपनी पत्नी के साथ नौगढ़ क्षेत्र के मंगरही गांव स्थित ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान जलेबिया रोड पर सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। मुलायम यादव अपने पीछे पत्नी और सात वर्षीय इकलौते बेटे को छोड़ गए हैं। कम उम्र में पिता का साया उठ जाने से बच्चे के भविष्य को लेकर परिजन चिंतित हैं।
संकट की घड़ी में विद्यालय ने बढ़ाया मदद का हाथ
परिवार की स्थिति को देखते हुए चंद्रावती देवी कॉन्वेंट स्कूल, भास्करपुर ने बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का निर्णय लिया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत सिंह यादव ने शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। वहीं, विद्यालय के प्रबंधक एवं पूर्व प्रधान बाबूनन्दन सिंह के निर्देश पर बच्चे को कक्षा एक से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य है कि आर्थिक या पारिवारिक संकट के कारण बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो और वह बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपने जीवन में आगे बढ़ सके। प्रधानाचार्य ने संकल्प जताया कि पिता को खो चुके इस बच्चे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
विद्यालय की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। दुख की घड़ी में शिक्षा के माध्यम से परिवार का सहारा बनने की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे न केवल बच्चे की पढ़ाई जारी रहने की उम्मीद मजबूत हुई है, बल्कि उसके उज्ज्वल भविष्य की राह भी आसान बनाने का प्रयास किया गया है।




