पंचशील ध्वज के साथ गूंजा बुद्ध वंदना का स्वर, हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली धम्म यात्रा
इलिया। बुद्ध विहार महामाया सरोवर सैदूपुर के तत्वावधान में गुरुवार की सुबह भव्य बुद्ध धम्म यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायियों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। करीब 300 मीटर लंबा पंचशील ध्वज श्रद्धालुओं द्वारा सिर पर उठाकर यात्रा निकाली गई, जिससे पूरा क्षेत्र बुद्धमय वातावरण में रंग गया। यात्रा के दौरान बुद्ध वंदना, धम्म गीत और त्रिशरण मंत्र के उद्घोष से माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

धम्म यात्रा का शुभारंभ सरैया पंचायत भवन से हुआ। इसके बाद यात्रा सरैया, बसाढ़ी कस्बा सहित विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सैदूपुर स्थित ज्योति बाल विद्या मंदिर परिसर पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु “बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि” का सामूहिक उद्घोष कर रहे थे। जगह-जगह ग्रामीणों एवं व्यापारियों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। कई स्थानों पर लोगों ने श्रद्धालुओं को पेयजल एवं शीतल पेय भी वितरित किया।
धम्म यात्रा में अनुशासन और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। पंचशील ध्वज के साथ चल रहे श्रद्धालु भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान कर रहे थे। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र नीले, पीले, लाल, सफेद और नारंगी रंगों वाले पंचशील ध्वज से सुसज्जित दिखाई दिया। लोगों ने मोबाइल फोन से यात्रा के दृश्य कैद किए और कई स्थानों पर स्वागत द्वार भी बनाए गए थे।

आयोजक गौरीशंकर मौर्य ने बताया कि ज्योति बाल विद्या मंदिर परिसर में शाम छह बजे से रात्रि 10 बजे तक पांच दिवसीय सनातनी बुद्ध धर्म देशना कथा का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कथा का वाचन बोधगया से आईं कथा वाचिका वंदना द्वारा किया जाएगा। कथा के माध्यम से भगवान बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों, करुणा, अहिंसा और धम्म संदेश का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में शांति, भाईचारा और नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है।
धम्म यात्रा एवं कथा आयोजन को लेकर क्षेत्र के बौद्ध अनुयायियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष तैयारी की गई है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कथा में शामिल होकर भगवान बुद्ध के धम्म संदेश को आत्मसात करने की अपील की है।
धम्म यात्रा में बुद्ध प्रताप मौर्य, लालजी, गौरीशंकर मौर्य, नंदलाल, मनगोई बौद्ध, रामअवतार मौर्य, दशरथ मौर्य, नंदलाल शास्त्री सहित भारी संख्या में बौद्ध अनुयायी उपस्थित रहे।




