उज्ज्वला लाभार्थियों के नाम पर फर्जी बुकिंग का खेल, एजेंसी पर उठे सवाल
इलिया (चंदौली)। स्थानीय कस्बा स्थित ब्रृजराजी भारत गैस एजेंसी पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के साथ कथित गड़बड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर गैस सिलेंडर बुक कर लिए जा रहे हैं और बाद में इन्हें ब्लैक रेट पर बेचा जा रहा है। मामला उजागर होने के बाद उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार बरियारपुर गांव की रहने वाली लाली देवी और सुनिता देवी जब गैस सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर पहले ही बुकिंग हो चुकी है। जांच करने पर पता चला कि लाली देवी के नाम पर 3 मार्च और सुनिता देवी के नाम पर 20 मार्च को बुकिंग दर्ज है। दोनों महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने मार्च माह में कोई सिलेंडर बुक नहीं कराया था। ऐसे में सवाल उठता है कि उनके नाम पर बुकिंग किसने की और सिलेंडर किसे दे दिया गया।

इसी तरह के कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी एजेंसी पर इसी प्रकार की अनियमितता का आरोप लगाया है। कुछ लोगों का कहना है कि जब उन्होंने कड़ा विरोध किया तो उन्हें तत्काल सिलेंडर दे दिया गया, जबकि कई उपभोक्ताओं को “समय अवधि पूरी न होने” का हवाला देकर लौटा दिया गया। इससे एजेंसी की कार्यप्रणाली पर संदेह गहराता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना, जो गरीब परिवारों को राहत देने के लिए चलाई जा रही है, उसमें इस प्रकार की गड़बड़ी बेहद गंभीर है। यदि उपभोक्ताओं के नाम पर फर्जी बुकिंग कर सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है, तो यह सीधे-सीधे सरकारी योजनाओं के उद्देश्य पर चोट है।

उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
वहीं, इस संबंध में एजेंसी संचालक हरीशंकर सिंह निक्कू ने कहा कि आरोप पूरी तरह निराधार है अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराया जाता है और पीड़ित उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।




