रोहाखी मार्ग को लेकर अनशन पर बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, जूस पिलाकर कराया आंदोलन समाप्त
चंदौली एक्सप्रेस संवाददाता
इलिया। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर हमेशा सक्रिय रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह एक बार फिर ग्रामीणों के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनशीलता और जनसरोकार की मिसाल पेश की। बेन धारौली से रोहाखी गांव को जाने वाली मुख्य जर्जर सड़क की समस्या को लेकर अनशन पर बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंचे छत्रबली सिंह ने उनकी पीड़ा सुनी और जल्द समाधान का भरोसा दिलाते हुए अपने हाथों से पानी पिलाकर आंदोलन समाप्त कराया।

बेन धारौली-रोहाखी मार्ग पर लंबे समय से बने गड्ढे ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से बाइक और साइकिल सवार आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे थे। जर्जर सड़क से परेशान ग्रामीणों और समाजसेवियों ने शांतिपूर्ण तरीके से धरना देते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
ग्रामीणों की समस्या की जानकारी सोशल नेटवर्क के माध्यम से मिलने के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे मुकेश पांडेय सहित अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और भरोसा दिलाया कि सड़क की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा।

छत्रबली सिंह ने कहा कि तत्काल प्रभाव से सड़क के गड्ढों को भरने के लिए गिट्टी डालने का कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल सके। वहीं बरसात का मौसम समाप्त होते ही लगभग एक माह बाद सड़क का पूर्ण रूप से नवीनीकरण कराकर कालीकरण कराया जाएगा, ताकि लोगों को लंबे समय तक बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह एक बार फिर ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उनका कहना है कि जनहित से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराना ही उनकी प्राथमिकता है। सड़क, बिजली, पानी सहित क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर वह लगातार अपनी भूमिका निभाते रहे हैं।
वहीं ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत में तकनीकी मानकों की अनदेखी के कारण ही समस्या बार-बार खड़ी हो रही है। सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए सबसे पहले उसकी सतह को सही लेवल में तैयार करना, गिट्टी की अलग-अलग साइज (ग्रेडेशन) को निर्धारित मानक के अनुसार बिछाना और प्रत्येक लेयर पर पर्याप्त ड्राई रोलिंग करना बेहद जरूरी होता है।

लेकिन कई स्थानों पर मरम्मत के नाम पर केवल गड्ढों में बेलचे से गिट्टी डालकर ऊपर से सामान्य रोलिंग कर दी जाती है। गिट्टी की परतों के बीच आपसी पकड़ मजबूत नहीं बन पाती, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित होती है। बरसात के दौरान पानी इन कमजोर हिस्सों में पहुंच जाता है और वाहनों के लगातार दबाव से गिट्टियां धीरे-धीरे उखड़ने लगती हैं।
यही कारण है कि कई सड़कों पर नवीनीकरण या मरम्मत के कुछ ही समय बाद दोबारा गड्ढे दिखाई देने लगते हैं और सड़क फिर से जर्जर हालत में पहुंच जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन करते हुए सही लेयरिंग, पर्याप्त रोलिंग और गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जाए तो सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रह सकती है।
ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए छत्रबली सिंह ने भरोसा दिलाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
आश्वासन मिलने के बाद छत्रबली सिंह ने अपने हाथों से जूस पिलाकर मुकेश पांडेय का अनशन समाप्त कराया। इस पहल के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उम्मीद जताई कि अब सड़क की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
इस दौरान श्याम जी सिंह, बाबिल सिंह, कुलदीप सिंह, धीरज पाण्डेय, दीपू पाण्डेय, अभिषेक यादव, अमरेंद्र, सुग्रीव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा साथी मौजूद रहे।




