पुरानी सूची निरस्त, नए सिरे से चयन के निर्देश
चकिया/चन्दौली: चकिया विकासखंड में शिक्षक संकुल व नोडल शिक्षकों के चयन को लेकर पिछले कई महीनों से चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) चन्दौली द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से पूर्व में जारी की गई शिक्षक संकुलों की सूची को निरस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें चयन प्रक्रिया को शासनादेश के अनुरूप नहीं पाया गया।
बताया जा रहा है कि पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सेवानिवृत्ति से ठीक पहले जारी की गई सूची को लेकर शिक्षकों में व्यापक असंतोष था। कई शिक्षकों और संगठनों ने आरोप लगाया था कि चयन प्रक्रिया मनमानी और अपारदर्शी तरीके से की गई, जिसमें निर्धारित मानकों की अनदेखी हुई। इसी शिकायत के आधार पर मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा और जांच की प्रक्रिया शुरू हुई।

जांच में अनियमितताओं की पुष्टि
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। जांच टीम ने पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा करते हुए चयन से संबंधित दस्तावेजों, प्रक्रिया और शासनादेश का मिलान किया। जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि शिक्षक संकुलों के चयन में निर्धारित मानकों, पात्रता शर्तों और शासनादेश के दिशा-निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया था।
इसके अलावा, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और नियमों की अनदेखी जैसे कई बिंदु भी सामने आए। जांच रिपोर्ट में इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए सूची को निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे BSA द्वारा स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया। इस फैसले के बाद पूर्व में चयनित शिक्षक संकुलों की स्थिति स्वतः समाप्त हो गई है।
एक सप्ताह में नई सूची का निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी चकिया को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षक संकुलों का चयन नए सिरे से, पूर्ण पारदर्शिता और शासनादेश के सभी बिंदुओं का पालन करते हुए किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि चयन प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करते हुए एक सप्ताह के अंदर नई सूची कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब शिक्षकों, संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निगाहें नई चयन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। सभी की अपेक्षा है कि इस बार चयन पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। वहीं, इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।





