करोड़ों की सड़क निर्माण में खेल, गांवों के बीच संकरी सड़क पर उठे सवाल
चकिया/ चंदौली: जिले में ग्रामीण सड़कों के चौड़ीकरण व सुंदरीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भाभौरा नाका से मूसाखंड होते हुए शहाबगंज सीमा तक बन रही करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण में मानकों की खुलेआम अनदेखी किए जाने के आरोप लगे हैं। इससे न सिर्फ सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है, बल्कि भविष्य में आवागमन प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है।
इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-97 से जोड़ने के लिए 14 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का कार्य स्वीकृत हुआ है। जानकारी के अनुसार, इसमें से 4 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि जारी भी की जा चुकी है। लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों— संतोष, नीरज, अरुण बिंद, प्रमोद, रवि और जितेंद्र— का आरोप है कि निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से काम कर रही है। खासतौर पर गांवों के बीच से गुजरने वाले हिस्सों में सड़क को जानबूझकर संकरा बनाया जा रहा है, जबकि नियमानुसार यहां सड़क की चौड़ाई अधिक होनी चाहिए थी। इससे भविष्य में जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता से ज्यादा “समायोजन” पर आधारित नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराया जाए।
इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साईं ने कहा कि मामला गंभीर है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि करोड़ों की इस परियोजना में कथित कटौती का खेल सामने आएगा या फिर जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।




