बच्चों के निवाले पर संकट, प्रधानों का घेराव — “व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा बड़ा आंदोलन”
चन्दौली एक्सप्रेस चन्दौली : जनपद के परिषदीय विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई विद्यालयों में रसोई व्यवस्था चरमरा गई है और बच्चों के लिए भोजन तैयार करना मुश्किल हो गया है। सोमवार को इस मुद्दे को लेकर ग्राम प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय पहुंचा और व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग उठाई।
सूत्रों के अनुसार, कई विद्यालयों में पिछले कुछ दिनों से गैस उपलब्ध न होने के कारण भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कुछ स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में रसोई पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन गई है। इससे बच्चों के पोषण, उपस्थिति और शिक्षण गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जमीनी हकीकत बनाम योजना के दावे
मिड-डे मील योजना को बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर गैस आपूर्ति में बाधा इस योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि कई बार संबंधित एजेंसियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रधानों की चेतावनी — जल्द समाधान नहीं तो आंदोलन
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रधानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सुचारू नहीं की गई तो इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि बच्चों के भोजन से जुड़ा यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय है।
BSA का आश्वासन — एजेंसियों से होगा समन्वय
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि विभाग इस संकट से अवगत है और गैस आपूर्ति में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास तेज किए जाएंगे, ताकि विद्यालयों में भोजन व्यवस्था प्रभावित न हो।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे ये प्रधान
इस दौरान आशुतोष यादव, रामाश्रय, प्रद्युम्न, उषा देवी, वीरेंद्र यादव, अवधेश यादव, अंकित सिंह, ओम प्रकाश, जितेंद्र, मीता पासवान, ओम प्रकाश मौर्य, प्रमोद पासवान, लक्ष देवी और निरंजन मौर्या सहित कई ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
सवालों के घेरे में आपूर्ति तंत्र
मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना में गैस संकट सामने आने से आपूर्ति तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कितनी तेजी से करता है और क्या भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कोई स्थायी रणनीति बनाई जाती है।




