ऑनलाइन सीखी नकली नोट छापने की तकनीक, चंदौली में पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश
मुगलसराय , चंदौली। जनपद में जाली नोटों के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अलीनगर थाना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार करते हुए दो बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में जाली नोट, अर्धनिर्मित नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया और पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे के नेतृत्व में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चन्द्रशेखर और क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अलीनगर अनिल कुमार पाण्डेय और स्वाट टीम प्रभारी रामजनम यादव की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी
पुलिस टीम आलमपुर अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि मानसनगर गेट के पास एक मकान की पहली मंजिल पर जाली नोट छापे जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान कमरे में मौजूद लोगों ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। मौके से 100 रुपये के 42 जाली नोट बरामद हुए। इसके बाद कमरे की तलाशी में भारी मात्रा में अर्धनिर्मित नोट और छपाई सामग्री मिली।
भारी मात्रा में जाली नोट और उपकरण बरामद
पुलिस ने कुल 100 रुपये के 55 जाली नोट, 452 अर्धनिर्मित नोट, वाटरमार्क शीट, प्रिंटर, लैमिनेटर, लाइट बॉक्स, बटर पेपर, बांड पेपर, हेयर ड्रायर और डेल कंपनी का लैपटॉप बरामद किया। लैपटॉप में 200 और 500 रुपये के नोटों के डिजाइन भी मिले हैं, जिससे यह साफ है कि गिरोह बड़े स्तर पर नकली नोट तैयार करने की योजना बना रहा था।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त उधम सिंह यादव निवासी महदेवा अमिलाई थाना बलुआ, ने पूछताछ में बताया कि उसने जाली नोट छापने की तकनीक YouTube और Google के माध्यम से सीखी थी। उसका संपर्क इंस्टाग्राम के जरिए एक व्यक्ति से हुआ, जिसने उसे उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराई।
अभियुक्त ने बताया कि वह 3500 रुपये के जाली नोट के बदले 1000 रुपये के असली नोट लेता था। इस खुलासे के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
मुकदमा दर्ज, आगे की कार्रवाई जारी
इस मामले में थाना अलीनगर में मु0अ0सं0 182/26 के तहत धारा 178/179/180/181 बीएनएस में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस की आम जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जाली नोटों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




