मारपीट मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर, एसपी ने बैठाई जांच
इलिया (चंदौली) थाना क्षेत्र के विशुनपुरवां गांव में हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर हुए विवाद में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने कड़ा संज्ञान लिया है।
जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल की रात हैंडपंप पर पानी भरने के दौरान गांव के ही संतोष चौहान से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर संतोष चौहान अपने साथियों के साथ लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में शिवा चौहान (15) और उनके पिता अजय चौहान (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। शिवा के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि अजय का हाथ टूट गया।
घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शहाबगंज ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। पीड़ित पक्ष की ओर से अजय की पत्नी किरण देवी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी आरोपी लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल है।
पीड़िता ने थाना इलिया में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मामले में देरी से मुकदमा दर्ज करने और हल्की धाराएं लगाने के आरोप सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस अधीक्षक का संज्ञान
पुलिस अधीक्षक चंदौली ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि मामला संज्ञान में आया, जिसमें मारपीट की घटना में समय पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज न किए जाने की बात सामने आई। प्रथम दृष्टया थाना स्तर पर लापरवाही पाई गई है।
एसपी ने क्षेत्राधिकारी चकिया रघुराज को निर्देशित किया है कि थाना प्रभारी इलिया और संबंधित हल्का इंचार्ज की भूमिका की जांच कर दो दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, मामले में सुसंगत धाराएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आरोपियों के खिलाफ कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। सभी थानाध्यक्षों को भी निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों में किसी भी स्थिति में लापरवाही न बरती जाए और उचित धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।




