जर्जर पोलों से घिरा इलाका, विभाग का ‘जुगाड़ समाधान’ बना जानलेवा खतरा
इलिया (चंदौली): जंगलपुर फीडर की 33 केवी लाइन का खंभा गिरने की घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर खंभे के गिरने से पहले ही बड़ा हादसा टल चुका था, वहीं अब विभाग ने स्थायी समाधान के बजाय ‘जुगाड़’ के सहारे उसी जर्जर खंभे को दोबारा खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है। इस कदम से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
शुक्रवार की देर रात अवर अभियंता विनोद कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, कर्मचारियों ने मौके पर मात्र 2 से 3 फीट गड्ढा खुदवाकर उसी टूटे और जंग लगे खंभे को उसमें डालकर मिट्टी से पाट दिया। इसके बाद जल्दबाजी में बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि जो खंभा पहले ही जर्जर होकर गिर चुका है, उसे बिना बदले फिर से खड़ा कर देना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देने जैसा है। लोगों का आरोप है कि विभाग ने सिर्फ सप्लाई बहाल करने की जल्दबाजी दिखाई, लेकिन सुरक्षा मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि यह खंभा मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीरों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों को डर सता रहा है कि यदि हल्की हवा या आंधी भी चली, तो यह खंभा दोबारा गिर सकता है और इस बार कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाके में ऐसे कई बिजली के खंभे हैं, जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और किसी भी समय गिर सकते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन खंभों को बदला गया होता, तो यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
गौरतलब है कि एक दिन पहले खंभा गिरने के दौरान तारों में तेज स्पार्किंग हुई थी और पास में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने की आशंका भी बनी थी। संयोग से उस समय कोई राहगीर नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन अब उसी खंभे को फिर से खड़ा कर दिए जाने से खतरा कई गुना बढ़ गया है।
इस पूरे मामले पर अवर अभियंता विनोद कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि फिलहाल अस्थायी समाधान किया गया है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जर्जर खंभे को बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और अन्य कमजोर खंभों का भी निरीक्षण कराया जाएगा।
हालांकि, ग्रामीण विभाग के इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक नया और मजबूत खंभा नहीं लगाया जाता, तब तक खतरा बना रहेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
फिलहाल, बिजली तो बहाल हो गई है, लेकिन लोगों के मन में डर, आक्रोश और असुरक्षा की भावना साफ देखी जा रही है। अब देखना होगा कि विभाग इस लापरवाही से सबक लेता है या किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई करता है।




