पहले खबर, फिर जांच: सदलूपुरा प्रकरण में क्लोन ऐप से हाजिरी दर्ज करने के आरोपों की पुष्टि की दिशा में बड़ा कदम
शहाबगंज ब्लॉक पर सब की निगाह
चंदौली। मनरेगा में एनएमएमएस (NMMS) ऐप के जरिए फर्जी उपस्थिति दर्ज किए जाने के मामले ने अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया है। जिस मामले को लेकर पिछले दिनों क्षेत्र में चर्चा थी और मीडिया में भी सवाल उठाए गए थे, उसी प्रकरण में अब उपायुक्त (श्रम-रोजगार) चंदौली ने आधिकारिक पत्र जारी कर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त द्वारा 6 जून 2026 को अपर मुख्य अधिकारी, चंदौली को भेजे गए पत्रांक 58/मनरेगा सेल/एनएमएमएस/2026-27 में ग्राम पंचायत सदलूपुर, विकास खंड सकलडीहा में दयालपुर माइनर से लखराव पुल तक चल रहे नाला खुदाई कार्य की जांच का उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान संबंधित कार्य के मास्टर रोल संख्या 2073 का परीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
पत्र के अनुसार श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एनएमएमएस ऐप में कथित रूप से छेड़छाड़ (Tampering) कर उसके क्लोन संस्करण का उपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि Mrk_UnlimitedEkyc+Attendance_3.7.apk नामक एपीके फाइल के माध्यम से क्लोन ऐप संचालित किया गया। आरोप है कि इस ऐप के जरिए मास्टर रोल में दर्ज कार्यस्थल के स्थान के बजाय अन्य स्थानों से तथा फेस ऑथेंटिकेशन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मनरेगा में पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एनएमएमएस ऐप को अनिवार्य किया था। इसके तहत कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति फोटो और लोकेशन आधारित प्रणाली से दर्ज की जाती है। यदि क्लोन ऐप के जरिए इस व्यवस्था को दरकिनार किया गया है तो यह मनरेगा की पारदर्शिता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
उपायुक्त ने अपने पत्र में संबंधित ग्राम पंचायत के रोजगार सेवक एवं महिला मेट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 337, 340, 316(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 65 और 66 के अंतर्गत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की संस्तुति की है। साथ ही मामले की सूचना शासन को भेजने के लिए त्वरित जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि प्रकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें विलंब अपेक्षित नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में एनएमएमएस ऐप के नाम पर चल रहे कथित खेल को लेकर चर्चाएं तेज थीं। ग्रामीणों और मजदूरों के बीच यह आरोप लगाया जा रहा था कि कुछ लोग क्लोन ऐप के माध्यम से वास्तविक कार्यस्थल पर उपस्थित हुए बिना ही हाजिरी दर्ज करा रहे हैं। अब प्रशासनिक जांच में ऐसे आरोपों का उल्लेख सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
जिले में पहली बार एनएमएमएस ऐप के क्लोन संस्करण के इस्तेमाल का मामला सरकारी पत्राचार में दर्ज होने से मनरेगा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। यदि जांच में आरोप पूरी तरह सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी एनएमएमएस प्रणाली की व्यापक जांच कराई जा सकती है।
फिलहाल प्रशासन की अगली कार्रवाई और विस्तृत जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




