ट्रेलर में बनाए गए गुप्त केबिन से 184 किलो 750 ग्राम गांजा बरामद, वाराणसी सप्लाई से पहले पुलिस ने दबोचा
चन्दौली एक्सप्रेस | मुगलसराय
पुलिस अधीक्षक चन्दौली के निर्देशन में अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना मुगलसराय पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 90 लाख रुपये कीमत का 184 किलो 750 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान बिहार निवासी दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर तस्करी में प्रयुक्त ट्रेलर को भी कब्जे में लिया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन श्री पीयूष मोर्डिया एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र श्री वैभव कृष्ण के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत मुगलसराय पुलिस वीआईपी गेट क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बिहार से एक ट्रेलर में भारी मात्रा में गांजा लादकर औद्योगिक नगर क्षेत्र के रास्ते वाराणसी ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पराग डेयरी के पास बैरियर लगाकर सघन चेकिंग शुरू की। कुछ ही देर बाद एक संदिग्ध सफेद ट्रेलर आता दिखाई दिया। पुलिस के रुकने के संकेत पर चालक वाहन लेकर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इंडस्ट्रियल एरिया रोड नंबर-7 पर घेराबंदी कर ट्रेलर को रोक लिया।

तलाशी के दौरान ट्रेलर के डाले को मॉडिफाई कर बनाए गए गुप्त केबिनों से 8 बोरों में कुल 184.750 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार बरामद गांजा की अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये है। तस्करी में प्रयुक्त ट्रेलर संख्या JH02 BJ 9528 को भी जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिलेश कुमार (36 वर्ष) पुत्र स्व. कपिल सिंह निवासी चिरैयाटांड थाना अरवल जिला अरवल (बिहार) तथा अरविंद कुमार (42 वर्ष) पुत्र रामनरायन सिंह निवासी दरियापुर थाना रामपुर चौरम जिला अरवल (बिहार) के रूप में हुई। दोनों के विरुद्ध थाना मुगलसराय में मु.अ.सं. 232/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ट्रांसपोर्ट लाइन में चालक और खलासी का काम करते हैं। बिहार के रहने वाले उनके परिचित जग्गल उर्फ जितेंद्र ने अधिक पैसे का लालच देकर वाराणसी तक गांजा पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी। पूरे नेटवर्क का संचालन वही करता था और मोबाइल फोन के माध्यम से रास्ते भर निर्देश देता था। गांजा किसे सौंपना था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी शिवपूजन बिंद, चौकी प्रभारी सूरज कुमार सहित मुगलसराय पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




