शहाबगंज में लोक निर्माण विभाग, चंदौली द्वारा कराया जा रहा मरम्मत कार्य चर्चा में; सड़क की सफाई से लेकर बाइंडर और कम्पैक्शन तक की प्रक्रिया पर उठे सवाल
चंदौली एक्सप्रेस | शहाबगंज। शहाबगंज विकास क्षेत्र में गांधी नगर से गोविंदपुर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग, चंदौली द्वारा पैचवर्क कराया जा रहा है। मरम्मत कार्य के दौरान सड़क की सतह पर धूल और पुरानी गिट्टी बिखरी दिखाई देने से पैचवर्क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सड़क की मरम्मत में तकनीकी प्रक्रिया और निर्धारित मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।

सड़क की मरम्मत का उद्देश्य केवल गड्ढों को भरना नहीं, बल्कि उन्हें इस तरह दुरुस्त करना भी है कि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे। इसके लिए क्षतिग्रस्त हिस्से की उचित तैयारी, सड़क की सतह से धूल और पुराने ढीले कणों की सफाई, आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त बाइंडर का प्रयोग, निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल और सही तरीके से कम्पैक्शन महत्वपूर्ण हैं। इन प्रक्रियाओं का सड़क की मजबूती और मरम्मत की अवधि पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
ऐसे में लोक निर्माण विभाग, चंदौली के जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल है कि गांधी नगर-गोविंदपुर मार्ग पर पैचवर्क से पहले सड़क की सतह की सफाई किस प्रकार कराई जा रही है? क्या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बाइंडर का प्रयोग किया जा रहा है? इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच और पैचवर्क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए कौन-सी व्यवस्था अपनाई गई है?

सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों में विभागीय निगरानी की अहम भूमिका होती है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर पैचवर्क की तकनीकी प्रक्रिया, इस्तेमाल की जा रही सामग्री और कार्य की गुणवत्ता का निरीक्षण करें, ताकि सड़क की मरम्मत निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और ग्रामीणों को इसका लंबे समय तक लाभ मिल सके।
गांधी नगर से गोविंदपुर मार्ग पर हो रहे पैचवर्क को लेकर विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। सड़क की सतह की तैयारी से लेकर अंतिम कम्पैक्शन तक प्रत्येक चरण पर उचित ध्यान दिया जाना जरूरी है, जिससे सरकारी धन का सदुपयोग हो और ग्रामीणों को बेहतर एवं टिकाऊ सड़क सुविधा मिल सके।
सतह की तैयारी में कमी से प्रभावित हो सकती है पैच की मजबूती

पैचवर्क की गुणवत्ता केवल ऊपर से डाली गई सामग्री देखकर तय नहीं की जा सकती। इसके लिए यह देखना भी जरूरी है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कितनी गहराई तक की गई, नीचे की परतों की स्थिति कैसी थी और इस्तेमाल की गई सामग्री संबंधित विनिर्देशों के अनुरूप थी या नहीं।
यदि सड़क की सतह पर धूल और ढीले कण मौजूद रहने के बावजूद आवश्यक सफाई नहीं की जाती, तो नई बिटुमिनस सामग्री और पुरानी सड़क के बीच बंधन प्रभावित हो सकता है। इसी तरह उचित दबाई नहीं होने पर पैच के किनारों से टूटने या उखड़ने की आशंका बढ़ सकती है।
अब देखना यह है कि लोक निर्माण विभाग, चंदौली के अधिकारी गांधी नगर-गोविंदपुर मार्ग के पैचवर्क की तकनीकी प्रक्रिया और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।




