भुड़कुड़ा समेत कई ग्राम पंचायतों में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इलिया : शहाबगंज विकास खंड अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच पेयजल संकट विकराल रूप लेता जा रहा है। ग्राम पंचायत भुड़कुड़ा समेत आसपास के गांवों में आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप कई दिनों से खराब पड़े हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और पंचायत प्रशासन अब तक उनकी मरम्मत कराने में पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप मरम्मत और रखरखाव के नाम पर पंचायतों में हर वर्ष हजारों से लेकर लाखों रुपये तक का भुगतान दिखाया जाता है। कहीं ₹50 हजार, कहीं ₹70 हजार तो कहीं ₹1 लाख तक खर्च होने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जरूरत पड़ने पर गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

15 से 20 दिन तक नहीं होती मरम्मत
ग्रामीणों ने बताया कि खराब हैंडपंपों की शिकायत ग्राम पंचायत सचिव और संबंधित कर्मचारियों से लगातार की जाती है, लेकिन मरम्मत कार्य शुरू होने में ही 15 से 20 दिन लग जाते हैं। इस भीषण गर्मी में जब तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीट वेव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है, तब पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का ठप हो जाना ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे 500 से 800 मीटर दूर दूसरे हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। सुबह से ही पानी भरने के लिए लोगों की कतार लग जा रही है। कई परिवारों को पीने और घरेलू उपयोग के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
“कागजों में विकास, जमीन पर संकट”
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति हो रही है। आरोप है कि ब्लॉक स्तर पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है, जहां भुगतान पहले तय हो जाता है और काम बाद में या बिल्कुल नहीं होता।
लोगों ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिव और ग्राम प्रधानों की मनमानी पर न तो ब्लॉक अधिकारियों का नियंत्रण दिखाई देता है और न ही जिला प्रशासन की कोई सख्ती। बंद कमरों में बैठकर भुगतान और हिसाब-किताब तय कर लिया जाता है, जबकि गांवों की असली समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
हीट वेव में बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार भीषण गर्मी और लू के दौरान शरीर में पानी की कमी होने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में गांवों में पेयजल संकट प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
सरकार जहां हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने की बात कर रही है, वहीं शहाबगंज क्षेत्र के कई गांवों में लोग आज भी पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि खराब पड़े हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को भारी संख्या में लोग ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में यह पेयजल संकट और गंभीर रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।




