जंगल में बसे गरीबों को मालिकाना हक, फसल मुआवजा और बिजली समेत कई मांगों को लेकर किसान सभा ने बुलंद की आवाज
चकिया (चंदौली)। गांधी पार्क चकिया में उत्तर प्रदेश किसान सभा की ओर से किसानों और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को लेकर चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी चकिया से तत्काल समस्याओं के समाधान की मांग की।
किसान सभा ने मांग की कि तीन पीढ़ियों से अधिक समय से जंगल क्षेत्र में आबाद गरीब परिवारों को मालिकाना हक दिया जाए तथा वन अधिकार कानून का पूरी तरह पालन किया जाए। गरीबों को उजाड़ने की कार्रवाई बंद करने के साथ ही ग्रामसभा की बंजर भूमि पर लंबे समय से बसे लोगों को भी मालिकाना हक देने की मांग उठाई गई।
धरनारत किसानों ने बिजली विभाग पर दलित और कमजोर वर्ग की बस्तियों में विद्युत तार व पोल काटे जाने का आरोप लगाते हुए ऐसी कार्रवाई बंद कराने तथा सभी गरीब बस्तियों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही 300 यूनिट तक बिजली माफ करने और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई।
किसानों ने सभी बंधियों, बांधों और नहरों की सिल्ट सफाई कर टेल तक पानी पहुंचाने तथा सिंचाई व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। बाढ़ से बर्बाद फसलों के लिए 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें पक्का आवास देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
इसके अलावा छीतमपुर न्याय पंचायत और मूसाखाड़ क्षेत्र में टावर लगाकर डिजिटल व्यवस्था बेहतर करने, सभी सहकारी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा वृद्धा और विधवा पेंशन के लिए आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आय प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई।
किसान सभा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार एमएसपी का कानूनी अधिकार देने, धान का समर्थन मूल्य 3,115 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा पिछली फसल में किसानों को हुए 1,500 से 1,600 रुपये प्रति क्विंटल तक के घाटे की भरपाई करने की मांग की।
धरने में किसान सभा के अध्यक्ष परमानंद सिंह मौर्य, उपाध्यक्ष शंभूनाथ यादव, जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, राजेंद्र यादव, जयनाथ, चौथी पासवान, रामनिवास पांडेय, नंदलाल, लालजी मास्टर, रामधार प्रधान, लालमणि विश्वकर्मा, जयप्रकाश सहित सैकड़ों किसान व ग्रामीण मौजूद रहे।
धरनारत लोगों ने प्रशासन द्वारा अब तक धरने का संज्ञान नहीं लिए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने जिलाधिकारी से तत्काल अनिश्चितकालीन धरने का संज्ञान लेकर मांगों के समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो किसान सभा आगे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी।




