शहाबगंज (चंदौली)। थाना क्षेत्र के भूसीकृत पुरवा गांव में गुरुवार को बिजली विभाग की लापरवाही एक बड़ा हादसा बनकर सामने आई। गांव में नीचे लटक रहे बिजली के तार की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालिका गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घायल बालिका को आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार भूसीकृत पुरवा गांव निवासी संजय की 12 वर्षीय पुत्री रोली गुरुवार को घर के बाहर किसी कार्य से निकली थी। इसी दौरान रास्ते में नीचे झूल रहे बिजली के तार की चपेट में आ गई। तार में करंट प्रवाहित होने के कारण वह गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही गिर पड़ी। बच्ची के गिरते ही आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़ पड़े और तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल रोली को लेकर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों के अनुसार बालिका के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर जलन हुई है।
इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं, जिसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ढीले और झूलते तारों को ठीक कराया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही गांव के ढीले और नीचे लटक रहे बिजली के तारों को दुरुस्त नहीं कराया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल गांव के जर्जर और लटकते तारों को ठीक कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। वहीं परिजन जिला अस्पताल में बालिका के बेहतर इलाज की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




