शहाबगंज (चंदौली)।
बाल विकास परियोजना अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने गुरुवार को विकास खंड क्षेत्र के आठ आंगनबाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई, जहां तीन आंगनबाड़ी कार्यकत्री और तीन सहायिकाएं अनुपस्थित पाई गईं। एक केंद्र पर तो ताला तक नहीं खुला था, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुरकौल केंद्र पर लटका मिला ताला
निरीक्षण के दौरान मुरकौल गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह बंद मिला। केंद्र का ताला तक नहीं खुला था, जिससे बच्चों और लाभार्थियों को मिलने वाली सेवाएं बाधित रहीं। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परियोजना अधिकारी ने संबंधित कार्यकत्री और सहायिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

इन केंद्रों पर मिलीं अनियमितताएं
बाल विकास परियोजना अधिकारी के निरीक्षण में करनौल प्रथम केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता देवी और सहायिका जीरा देवी, ठेकहा केंद्र की सहायिका परवीन बानो, मुरकौल केंद्र की कार्यकत्री ममता व सहायिका साधना अनुपस्थित पाई गईं। इसके अलावा तियरा द्वितीय केंद्र की कार्यकत्री प्रभावती बिना सूचना के गैरहाजिर मिलीं। हालांकि तियरा प्रथम की कार्यकत्री कंचन सिंह अवकाश पर थीं। वहीं सिघरौल,गजधरां और राममाड़ो केंद्रों पर कार्यकत्री और सहायिकाएं उपस्थित मिली

कारण बताओ नोटिस, मानदेय कटौती और पीएलआई रोकने के निर्देश
परियोजना अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने सभी अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक दिन का मानदेय काटने और तत्काल प्रभाव से पीएलआई (प्रोत्साहन राशि) रोकने की कार्रवाई की बात कही है।
समय से संचालन के दिए निर्देश
निरीक्षण के बाद उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सख्त निर्देश दिए कि केंद्रों का संचालन निर्धारित समय से नियमित रूप से किया जाए, ताकि लाभार्थियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




