डीएम व बीएसए से जवाब का इंतजार
इलिया (चंदौली)। जनपद के शहाबगंज विकास क्षेत्र में कथित रूप से बिना मान्यता संचालित निजी कॉन्वेंट स्कूलों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलिया ,सैदूपुर, मनकपड़ा, अर्जी, बनरसिया, बेन, सरैया सहित आसपास के दर्जनों गांवों में कई विद्यालय वर्षों से संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन किया जा रहा है। इसके बावजूद इन विद्यालयों की मान्यता और नियमों के अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अभिभावकों का कहना है कि अंग्रेजी माध्यम और बेहतर शिक्षा का दावा कर बच्चों का प्रवेश तो लिया जा रहा है, लेकिन यदि किसी विद्यालय के पास वैध मान्यता नहीं है तो सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों के भविष्य को होगा। ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को आगे चलकर प्रमाणपत्र, बोर्ड परीक्षा और उच्च शिक्षा में प्रवेश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई विद्यालयों में न पर्याप्त भवन हैं, न खेल मैदान और न ही आवश्यक शैक्षिक सुविधाएं। इसके बावजूद इनका संचालन लगातार जारी है। लोगों का कहना है कि यदि शासन के नियमों के विपरीत विद्यालय संचालित हो रहे हैं तो संबंधित विभाग की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि सैदूपुर क्षेत्र के सभी निजी विद्यालयों की विशेष जांच कराई जाए। जिन विद्यालयों के पास वैध मान्यता नहीं है या जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची सार्वजनिक की जाए, ताकि अभिभावक सही जानकारी के आधार पर अपने बच्चों का प्रवेश करा सकें।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में बिना मान्यता वाले विद्यालय संचालित हो रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी? क्या प्रशासन व्यापक जांच अभियान चलाकर बच्चों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाएगा? अब इस मामले में लोगों की निगाहें जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई पर टिकी हैं।




