मनरेगा श्रमिकों का ऐलान, मांगें पूरी होने तक नहीं हटेंगे धरने से
चकिया (चन्दौली) चकिया विकास खंड अंतर्गत अमरा लालपुर गांव में मनरेगा मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मनरेगा मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हो रहे हैं।
धरने पर बैठे मजदूरों की प्रमुख मांग है कि मनरेगा श्रमिकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए तथा उन्हें प्रतिमाह ₹10 हजार का मानदेय दिया जाए। इसके अलावा किसानों, मेहनतकशों, बुनकरों, कारीगरों और छोटे दुकानदारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ बताया और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की।
धरना स्थल पर मौजूद मजदूरों का कहना है कि मनरेगा के तहत कार्य करने के बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिलती है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार उन्हें 125 दिनों का रोजगार और प्रतिदिन ₹300 की मजदूरी भी नहीं मिल रही है। मजदूरों ने कहा कि रोजगार और मजदूरी से जुड़े मुद्दों को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर बरसात और धूप की परवाह किए बिना आंदोलन कर रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।
धरने में शामिल श्रमिकों ने सरकार से मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने, समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की। लालपुर गांव में चल रहा यह धरना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।




