पूर्व प्रधान पर चौकी इंचार्ज के नाम पर रुपये मांगने का आरोप, पैसे के कथित लेनदेन के बाद आरोपितों को छुड़ाने की चर्चा
डीह बाबा मंदिर की पिंडी को गंदे पानी में फेंके जाने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। प्रकरण के आरोपितों को पुलिस से छुड़ाने के नाम पर 20 हजार रुपये मांगने से जुड़ा एक कथित ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद इलिया कस्बा समेत आसपास के गांवों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कथित वायरल ऑडियो इलिया के पूर्व प्रधान राजेश उर्फ मोछू यादव का बताया जा रहा है। हालांकि, चंदौली एक्सप्रेस वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें सुनाई दे रही आवाज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
आरोप है कि वायरल ऑडियो में पूर्व प्रधान की बताई जा रही आवाज में मामले के आरोपितों को छुड़ाने को लेकर बातचीत हो रही है। बातचीत के दौरान इलिया चौकी इंचार्ज अरविंद यादव के नाम का कथित तौर पर उल्लेख करते हुए 20 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आ रही है। ऑडियो के प्रसारित होने के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस अधिकारी के नाम पर रुपये की मांग क्यों और किस आधार पर की गई।
रुपये लेने के बाद थाने जाकर आरोपितों को छुड़ाने का आरोप
मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि 20 हजार रुपये का कथित लेनदेन होने के बाद पूर्व प्रधान थाने पहुंचे और प्रकरण में पकड़े गए आरोपितों को छुड़वाने में भूमिका निभाई। इसके बाद आरोपितों के थाने से बाहर आने की बात क्षेत्र में फैल गई। अब कथित ऑडियो के प्रसारित होने से रुपये के लेनदेन और आरोपितों को छोड़े जाने के बीच संबंध को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कथित ऑडियो में पुलिस चौकी के जिम्मेदार अधिकारी के नाम का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। ऐसे में जांच का विषय है कि रुपये वास्तव में किसके लिए मांगे गए थे, रकम किसने दी और किसने प्राप्त की। साथ ही आरोपितों को किन परिस्थितियों और किस आधार पर थाने से छोड़ा गया, इसकी भी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
डीह बाबा की पिंडी गंदे पानी में फेंकने से जुड़ा है मामला
बताते चलें कि इलिया क्षेत्र में डीह बाबा मंदिर की पिंडी को हटाकर समीप स्थित गंदे पानी में फेंके जाने का मामला सामने आया था। धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला होने के कारण घटना के बाद लोगों में नाराजगी व्याप्त हो गई थी। मंदिर के पुजारी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने चार युवकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की ओर से आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसी बीच आरोपितों को छुड़ाने के नाम पर रुपये मांगने का कथित ऑडियो सामने आने से पूरा प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोग पुलिस की भूमिका और कथित बिचौलियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।




