छित्तमपुर में सफाई व्यवस्था बदहाल, 2500 की आबादी पर एक सफाईकर्मी के भरोसे गांव; प्रधान बोलीं-एक और कर्मचारी की कई बार कर चुके हैं मांग
चन्दौली एक्सप्रेस | शहाबगंज। ग्राम पंचायत छित्तमपुर में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2500 की आबादी वाली ग्राम पंचायत में सफाईकर्मियों की तैनाती को लेकर ग्रामीणों के आरोपों ने पंचायतीराज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी दिनेश कुमार करीब दस वर्षों से गांव में नियमित सफाई करने के बजाय खंड विकास अधिकारी के आवास पर खाना बनाने सहित अन्य घरेलू कार्य करता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दिनेश कुमार को लंबे समय से गांव की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई करते नहीं देखा गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि सफाईकर्मी अपने मूल कार्यस्थल पर मौजूद नहीं था तो उसकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज होती रही और उसकी निगरानी किस अधिकारी की जिम्मेदारी थी। ग्रामीणों ने सफाईकर्मी की उपस्थिति पंजिका, निरीक्षण आख्या, तैनाती संबंधी अभिलेख और ग्राम पंचायत में किए गए सफाई कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी सफाईकर्मी को उसके मूल कार्य से हटाकर अधिकारी के आवास पर घरेलू कार्य में लगाया गया था तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि ऐसा किसके आदेश पर हुआ और इसके लिए कोई लिखित आदेश जारी किया गया था या नहीं।
मामले को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं थी। उन्होंने जांच कराने तथा संबंधित सफाईकर्मी को उसकी नियुक्त ग्राम पंचायत में भेजकर सफाई कार्य सुनिश्चित कराने की बात कही है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सफाईकर्मी दिनेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, उसकी वास्तविक उपस्थिति कहां रही और यदि वह अधिकारी के आवास पर घरेलू कार्य करता था तो उसे वहां किसके आदेश पर लगाया गया था। साथ ही छित्तमपुर में अतिरिक्त सफाईकर्मी की मांग पर विभाग कब तक कार्रवाई करता है, इस पर भी ग्रामीणों की नजर है। फिलहाल एक ओर सफाईकर्मी की कथित गैरमौजूदगी का आरोप और दूसरी ओर एक कर्मचारी के भरोसे पूरे गांव की सफाई व्यवस्था पंचायतीराज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।




