बलुआ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा, 250 कथित क्लाइंटों का मिला ब्योरा; 24 मोबाइल, 4 लैपटॉप और 42 सिम कार्ड बरामद
चंदौली एक्सप्रेस
चंदौली। जनपद की बलुआ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के एक कथित नए नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य संचालक समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सराय रसूलपुर गांव में “Readers Community Club” के नाम से लाइब्रेरी का स्वरूप देकर फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और शेयर मार्केट से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
पुलिस ने मौके से चार लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, एक 250 जीबी हार्ड डिस्क, एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद किए हैं। बरामद डायरी और रजिस्टरों में करीब 250 व्यक्तियों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज मिले हैं। पुलिस द्वारा संपर्क किए गए लोगों में से तीन व्यक्तियों ने शेयर मार्केट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान करीब 9.50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति और धोखाधड़ी की जानकारी दी है।
मुखबिर की सूचना पर लाइब्रेरी में पहुंची पुलिस
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में बलुआ पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम को 24 अगस्त को सूचना मिली थी कि ग्राम सराय रसूलपुर में “Readers Community Club” नाम से संचालित परिसर में संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम मुख्य संचालक बताए गए आनन्द मौर्या के मकान में पहुंची। वहां कई लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से काम करते मिले। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को सुरक्षित करते हुए मौजूद लोगों से अलग-अलग पूछताछ की।
खुद को बताते थे शेयर मार्केट और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर
पूछताछ में सामने आया कि टीम के सदस्य विभिन्न लोगों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क करते थे और खुद को शेयर मार्केट/स्टॉक मार्केट का जानकार तथा इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताते थे। लोगों को अधिक लाभ और प्रॉफिट दिलाने का भरोसा देकर विश्वास में लिया जाता था।
पुलिस का आरोप है कि इसके बाद संबंधित लोगों के डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी या एक्सेस प्राप्त कर खातों को हैंडल करते हुए ट्रेडिंग की जाती थी। ट्रेडिंग में नुकसान होने की स्थिति में आर्थिक नुकसान खाताधारक को उठाना पड़ता था और बाद में संबंधित लोगों से संपर्क बंद करने के लिए मोबाइल फोन बंद कर दिए जाते थे।
डायरी और रजिस्टर में मिले 250 लोगों के विवरण
पुलिस टीम को मौके से एक हस्तलिखित डायरी और दो हस्तलिखित रजिस्टर मिले। इनके अवलोकन में करीब 250 व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर मार्केट व ट्रेडिंग से संबंधित प्रविष्टियां मिलीं।
पुलिस ने डायरी में दर्ज कुछ मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। इनमें से तीन लोगों ने अपने साथ शेयर मार्केट संबंधी गतिविधियों में कुल लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी अथवा आर्थिक क्षति होने की जानकारी दी।
मुख्य संचालक को मंदिर के पास से दबोचा
कार्रवाई के दौरान मुखबिर की सूचना पर इस नेटवर्क के मुख्य संचालक बताए गए आनन्द मौर्या को सुरतापुर स्थित काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया।
उसके कब्जे से दो लैपटॉप, जिनमें एक एप्पल कंपनी और दूसरा एचपी एलीटबुक का, तथा तीन मोबाइल फोन—आईक्यूओओ, आईफोन और लावा कीपैड मोबाइल—बरामद किए गए।
मौके पर एक ही परिसर में कई लोगों का मोबाइल और लैपटॉप के जरिए काम करना, डायरी और रजिस्टर में क्लाइंट, अकाउंट हैंडलिंग, प्रॉफिट-लॉस, मेंबरशिप और शेयरिंग से संबंधित विवरण मिलना तथा कुछ लोगों द्वारा आर्थिक नुकसान की जानकारी दिए जाने के आधार पर पुलिस ने संगठित रूप से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की बात कही है।
12 अभियुक्त गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
पुलिस ने इस मामले में कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में आनन्द मौर्या के अलावा प्रकाश मौर्या, जोगिंदर मौर्या, सिद्धार्थ मौर्या, अभिषेक विश्वकर्मा, विकास शर्मा, कुशवाहा, प्रीतम कुमार मौर्या, अमन कुमार मौर्या, आकाश मौर्या, विशाल गौड़ और विशाल मौर्या शामिल हैं।
पुलिस की ओर से बरामदगी में—
04 लैपटॉप
24 मोबाइल फोन
मोबाइल फोन में लगे 42 सिम कार्ड
01 Seagate 250 GB इंटरनल हार्ड डिस्क
01 हस्तलिखित डायरी
02 हस्तलिखित रजिस्टर
शामिल हैं।
आनन्द मौर्या ने पूछताछ में बताई कार्यप्रणालीआनन्द मौर्या ने पूछताछ में बताई कार्यप्रणाली
पूछताछ के दौरान मुख्य संचालक आनन्द मौर्या ने बताया कि उसकी टीम विभिन्न ग्राहकों के मोबाइल नंबरों पर फोन कर स्वयं को शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट का जानकार तथा इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताती थी। लोगों को अधिक प्रॉफिट का भरोसा देकर उनके डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी प्राप्त की जाती थी।
इसके बाद खातों को हैंडल करते हुए शेयर मार्केट में ट्रेडिंग की जाती थी। नुकसान होने की स्थिति में उसका भार संबंधित खाताधारक को उठाना पड़ता था और बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिए जाते थे। बरामद हार्ड डिस्क के संबंध में भी उसने पुलिस को बताया कि इसका उपयोग डेटा सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर बलुआ थाने में मु0अ0सं0 254/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस तथा 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में एनसीआरबी पोर्टल और अन्य माध्यमों से विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनन्त कुमार भार्गव, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, साइबर सेल के हेड कांस्टेबल पवन यादव, कांस्टेबल नौशाद अली तथा महिला आरक्षी अनमोल वर्मा शामिल रहीं।
पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर ठगी के खिलाफ जनपद की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डायरी-रजिस्टर में दर्ज विवरण के आधार पर पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों और पीड़ितों के बारे में भी जांच कर रही है।




